नरसिम्हा राव के पौत्र ने राहुल गांधी को 'हम दो, हमारे दो' टिप्पणी पर घेरा

नरसिम्हा राव के पौत्र ने राहुल गांधी को 'हम दो, हमारे दो' टिप्पणी पर घेरा

नरसिम्हा राव के पौत्र एनवी सुभाष ने कहा उनकी छवि का स्तर अपरिपक्व से घटकर अनभिज्ञ का हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में ही वंशवाद का बोलबाला था और उनकी मां सोनिया गांधी के अलावा किसी अन्य नेता की कोई हैसियत नहीं थी। प्रधानमंत्री तक को कठपुतली बनाया।

नई दिल्ली, एएनआइ। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पौत्र और भाजपा नेता एनवी सुभाष ने शुक्रवार को कहा कि संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण ने उनकी छवि का स्तर 'अपरिपक्व' से घटाकर 'अनभिज्ञ' कर दिया है। 'हम दो, हमारे दो' की टिप्पणी ने राजनीति में उनकी 'नासमझी' को उजागर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में ही वंशवाद का बोलबाला था और उनकी मां सोनिया गांधी के अलावा किसी अन्य नेता की कोई हैसियत नहीं थी। यहां तक कि प्रधानमंत्री तक को कठपुतली बना दिया गया था। जब निचला सदन बजट पर चर्चा कर रहा था तो राहुल गांधी ने तीन कृषि कानूनों का मसला उठाया और देश को चकित कर दिया। उन्होंने कहा, 'देश में दशकों तक कांग्रेस शासन ने कृषक समुदाय के आर्थिक स्तर में सुधार करने का कोई प्रयास नहीं करके किसानों की रीड़ तोड़ दी। जब राजग सरकार किसानों का भाग्य बदलने की कोशिश कर रही है तो राहुल गांधी जैसे नेता किसानों को उकसा रहे हैं।'

सुभाष ने आगे कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी राजनीतिक आकांक्षाएं किनारे रखकर कृषि कानूनों के कंटेंट (प्रविधानों) और इंटेंट (इरादे) को समझना चाहिए। इन कानूनों का विरोध करके वह फायदे से ज्यादा किसानों का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से भारतीय कृषि क्षेत्र में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ। हर राजनीतिक नेता किसानों की भलाई की बात करता है, लेकिन आज तक किसी सरकार ने एक भी सुधार नहीं किया। बदलते समय और वैश्विक कृषि परिदृश्य के मुताबिक नरेंद्र मोदी सरकार ने ही कृषक समुदाय की जिंदगियों में बड़े बदलाव लाने के लिए कृषि सुधार पेश किए। वर्ष 2004 से 2014 तक संप्रग सरकार सत्ता में थी, लेकिन किसानों की भलाई के लिए एक भी विधेयक पेश नहीं किया गया।