सपना चौधरी के गाने 'तेरी आंख्‍या का यो काजल' पर महंगा पड़ा ठुमका लगाना, नप गए कई प्रोफेसर साहब

 

जयप्रकाश विश्‍व विद्यालय, छपरा का प्रवेश द्वार। जागरण आर्काइव

तीन दिसंबर को राजेंद्र जयंती समारोह के बाद सपना चौधरी के गीत पर डांस करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पटना व एलएनएम विवि के कुलपति की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलाधिपति ने राजेंद्र कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य समेत 13 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है।

संवाददाता, छपरा। चर्चित गायिका सपना चौधरी का गाना तेरी आंख्‍या का यो काजल खूब चर्चित हुआ। युवा वर्ग में यह काफी प्रसिद्ध हुआ। अक्‍सर ये गाने लोग गुनगुनाते हैं। लेकिन राजेंद्र कॉलेज के शिक्षकों के लिए यह गाना दु:स्‍वप्‍न बन गया। वे शायद ही कभी इस गाने को याद भी करना चाहेंगे। इन शिक्षकों ने इस गीत पर थोड़ा ठुमका लगा लिया तो बवाल बच गया। दरअसल राजेंद्र कॉलेज में तीन दिसंबर को राजेंद्र जयंती समारोह के बाद इसी गाने पर शिक्षकों के डांस का वीडियो वायरल हो गया। फिर क्‍या था, हो गई कार्रवाई। वह भी कुलाधिपति के स्‍तर से। जांच सही तरीके से नहीं करने के कारण जेपीयू (JP University) के डीन, डीएसडब्‍ल्‍यू और कुलानुशासक पर भी कार्रवाई हो गई। राजभवन की जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्राचार्य डॉ.प्रमेंद्र रंजन सिंह समेत 12 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। जेपी विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. फारूख अली के निर्देश पर प्रभारी कुलसचिव आरपी श्रीवास्तव ने निलंबन का पत्र जारी किया गया है। इस मामले में प्राचार्य समेत 12 शिक्षकों एक इनक्रीमेंट पहले ही काट दिया गया है।

वीडियो वायरल होने पर कुलाधिपति ने कराई थी जांच

उल्लेखनीय हो कि डांस का वीडियो वायरल होने के बाद राज्यपाल सह कुलाधिपतिफागू चौहान ने पटना विश्‍वविद्यालय एवं ललित नारायण मिथिला विश्‍वविद्यालयके कुलपति को जांच का जिम्मा सौंपा था। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राजभवन ने इन शिक्षकों पर कार्रवाई कराने का निर्देश दिया था। यह जेपी विश्‍वविद्यालय  के इतिहास में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मामले में कुलपति प्रो. फारूख अली ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। उसमें डीन एवं पूर्व कुलपति प्रो. अशोक कुमार झा, कुलानुशासक डॉ. कपिलदेव सिंह एवं डीएसडब्ल्यू डॉ. उदय शंकर ओझा सदस्य थे। उन्होंने भी मामले में अपनी रिपोर्ट दी थी। लेकिन जांच सही ढंग से नहीं करने के कारण डीन, डीएसडब्ल्यू और कुलानुशासक को भी राजभवन ने निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में तीनों पदाधिकारियों का मुख्यालय प्रति कुलपति प्रो. लक्ष्मी नारायण सिंह का कार्यालय होगा।