वृद्धा पेंशन के आवेदन पर परोसे गए अंडे, बुजुर्गों की उम्‍मीद पर मूंगफली भी फोड़े

Old Age Pension Jharkhand News गांव के अंडा दुकान पर मिला पेंशन का आवेदन पत्र दिखाते मुखलाल साव। जागरण

 गढ़वा में बरामद आवेदनों पत्रों पर पंचायत सेवक से लेकर पंचायती राज पदाधिकारी तक के हस्ताक्षर हैं। पूर्व मुखिया के प्रतिनिधि के माध्यम से दुकानदार तक आवेदन पहुंचा। बीडीओ ने कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी।

गढ़वा, झारखंड के गढ़वा जिले के श्री बंशीनगर प्रखंड स्थित कोलझिकी गांव के सैकड़ों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन पाने की आस पर मौजूदा प्रशासनिक तंत्र ने पानी फेर डाला है। पेंशन की आस में आवेदकों द्वारा प्रखंड कार्यालय में जमा 400 आवेदन गांव के ही एक दुकानदार के पास पहुंच गया। उसने अधिकतर आवेदनों पर चना, बादाम, अंडे और अन्य खाने-पीने की वस्तुएं बेच डाली।

संयोग से इन्हीं आवेदकों में से कुछ को उन्हीं के आवेदन पर खाद्य सामग्री परोस डाली गई, तब यह भेद खुला। इन आवेदनों पर पंचायत सेवक से लेकर पंचायती राज पदाधिकारी तक के हस्ताक्षर हैं। इनमें से कुछ फोटोयुक्त आवेदन ऐसे भी मिले हैं, जिसपर पंचायत सेवक जगदीश राम ने गत 16 फरवरी को हस्ताक्षर किया है। पेंशन के इन आवेदनों पर कोलझिकी के ही गिरिवर राम की अंडे की दुकान पर खाने-पीने की वस्तुएं बेची जा रही थी।

जैसे ही गड़बड़झाले की यह खबर सार्वजनिक हुई, आवेदकों का जमावड़ा गिरिवर राम की दुकान पर लगने लगा। इस बीच कुछ आवेदक दुकान में बेतरतीब तरीके से पड़े आवेदनों में से खुद का आवेदन ढूंढ पाने में सफल रहे, शेष को निराशा ही हाथ लगी। इसी भीड़ में शामिल गांव के मुखलाल साव ने बताया कि उन्होंने 25 जुलाई 2019 को वृद्धा पेंशन के लिए प्रखंड कार्यालय में आवेदन जमा किया था।

पेंशन के लिए दर्जनों बार प्रखंड कार्यालय का चक्कर काटा। 70 वर्ष का हो गया हूं। अब पता चला कि प्रखंड कार्यालय से आवेदन रद्दी की टोकरी में भी चला जाता है। इसी तरह उषा देवी का पेंशन आवेदन भी आवेदन पत्रों के इसी ढेर से मिला। इधर, अंडा दुकानदार गिरिवर राम ने दो टूक कहा कि विभिन्न तरह के पेंशन के करीब 400 आवेदन पत्र गांव के ही मुंद्रिका राम ने उसे उपलब्ध कराए थे।

अधिकतर आवेदनों पर उन्होंने खाने-पीने की वस्तुएं बेच डाली हैं। इस बीच मुंद्रिका राम ने कहा कि उसे पूर्व मुखिया प्रतिनिधि अजय कुमार गुप्ता ने आवेदन पत्र मुहैया कराया था, जिसे उसने गिरिवर को सौंप दिया। इस पूरे प्रकरण में श्री बंशीधर नगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि आवेदन पत्र दुकान तक कैसे पहुंचा, मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।