स्वर्ण पदकों के साथ किरण बालियान के नाम दर्ज है कई रिकार्ड, विदेशों तक बजा चुकी हैं मेरठ का डंका

मेरठ की किरण बालियान का स्‍वर्ण पदकों के साथ कई रिकार्ड दर्ज है।

मेरठ के तमाम खिलाड़ियों में एक शाटपुट थ्रोवर किरन बालियान हैं। जिनके नाम स्वर्ण पदकों के साथ ही रिकार्ड भी खूब सारे दर्ज हैं। प्रदेश से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक किरन ने अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।

मेरठ। मेरठ की माटी में कूट-कूट कर खेल भरा है। तभी तो इस मिट्टी से उठने वाले खिलाड़ियों को मेहनत का पूरा फल खेल के मैदान में मिलता ही है। थोड़ी परिश्रम अधिक कर लें तो सफलताएं आसमान भी छूने लगती हैं। मेरठ के तमाम खिलाड़ियों में एक शाटपुट थ्रोवर किरन बालियान हैं। जिनके नाम स्वर्ण पदकों के साथ ही रिकार्ड भी खूब सारे दर्ज हैं। प्रदेश से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक किरन ने अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। खेलों इंडिया की प्रतियोगिता में भी किरन ने नए रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता और खेलो इंडिया योजना में चयनित भी हुई। मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोट्र्स स्टेडियम में हर दिन कोच रोबिन सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण करने वाली किरन बालियान ने जूनियर से सीनियर प्रतिस्पर्धा तक अपने प्रतिद्वद्वियों को कड़ी टक्कर देते हुए आगे बढ़ रही हैं। पिछले महीने 24 जनवरी को प्रयागराज में हुई प्रदेश स्तरीय एथलेटिक चैंपियनशिप में किरन बालियान ने व्यक्तिगत बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 16.60 मीटर की दूरी नाप कर स्वर्ण पदक जीता था।

कोलंबो में बजाया था भारत का डंका

साल 2018 में कायंबटूर में आयोजित जूनियर फेडरेशन कप में अंडर-20 आयु वर्ग में हिस्सा लेकर किरन बालियान ने स्वर्ण पदक जीतकर पहली अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक प्रतिस्पधा के लिए चयनित हुई थी। श्रीलंका के कोलंबो में उस साल पांच से नौ मई तक हुई तृतीय जूनियर साउथ एशियन एथलेटिक चैंपियनशिप में किरन बालियान ने 14.77 की दूरी नापकर नया कीर्तिमान बनाया। इस प्रतियोगिता में किरन ने नए रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसमें किरन ने जूनियर साउथ एशियन चैंपियनशिप में साल 2007 के 13.76 मीटर का रिकार्ड तोड़कर नर्या रिकार्ड अपने नाम किया था। उसके बाद किरन बालियान ने साल 2019 की प्रतियोगिताओं में हिस्स नहीं लिया लेकिन साल 2020 की शुरुआत चार से छह मार्च तक कोलकाता में हुई आल इंडिया पब्लिकेशन एथलेटिक चैंपियनशिप 2020 में 16.00 मीटर शाटपुट थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता था और उसयी महीने 13 से 15 तक होने वाली एशियन इंडोर चेंपियनशिप चीन के लिए चयनित भी हुई थी। उसी दौरान खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स भुवनेश्वर 2020 में किरन बालियान ने 15.10 मीटर शाटपुट फेककर स्वर्ण पदक जीता और खेलो इंडिया योजना के तहत चयनित भी हुईं।

15 दिन, तीन चैंपियनशिप, तीन स्वर्ण, तीन रिकार्ड

महज 15 दिनों के भीतर प्रदेश से राष्ट्रीय सतर तक की तीन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर किरन बालियान तीन स्वर्ण पदक के साथ तीन नया रिकार्ड भी बना चुकी हैं। यह कमाल उन्होंने साल 2017 में किया था। अक्टूबर महीने में किरन ने तीन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था। सबसे पहले छह-सात अक्टूबर को हुई प्रदेश सतरीय प्रतियोगिता में अंडर-20 वर्ग में किरन ने 14.50 मीटर शाटपुट फेक कर स्वर्ण पदक जीता और यह उनका नया रिकार्ड भी बना। इसके बाद उसी महीने 14-16 अक्टूबर तक पंजाब के तरन तारन में हुई नार्थ जोन एथलेटिक चैंपियनशिप में किरन ने 14.55 मीटर की दूरी नापी और स्वर्ण पदक के साथ अपने नाम नया रिकार्ड भी बनाया। यहां से आगे बढ़कर 16-20 अकटूबर तक आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुई नेशनल प्रतियोगिता में किरन ने एक बार फिर 14.54 मीटर की दूरी नाप कर स्वर्ण पदक जीता और नया मीट रिकार्ड भी अपने नाम किया।

प्रदेश में हर साल जीता सोना

मेरठ कालेज से एमए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहीं किरन बालियान ने प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में हर साल स्वर्ण पदक जीता है। किरन ने साल 2012 में शाटपुट की ट्रेनिंग कैलाश प्रकाश स्पोट्र्स स्टेडियम में कोच रोबिन सिंह से लेना शुरू किया। उसी साल डीपीएस मेरठ में हुई नार्थ जोन प्रतियाेगिता में किरन ने शाटपुट में तीसरा स्थान प्राप्त किया और कांस्य पदक जीता। उसी साल प्रदेश स्तरीय एथलेअिक चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद से प्रदेश स्तर पर अंडर-16, अंडर-18 और अंडर-20 भार वर्ग में किरन बालियान के स्वर्ण पदक जीतने का सिलसिला जारी रहा। साल 2014 में विजयवाड़ा में हुए नेशनल में रजत पदक, 2016 कोयंबटूर नेशनल में कांस्य पदक और 2017 विजयवाड़ा नेशनल में स्वर्ण पवक जीता।

कोच ने बदला रास्ता, हर दिन साथ पहुंची मां

किरन बालियान के अनुसार पहले वह जैवलिन फेंका करती थी। कोच रोबिन ने उन्हें शाटपुट फेकने की सलाह दी। यहीं से उनका अभ्यास बदला और प्रदर्शन में निखार भी आने लगा। मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पुरबालियान की रहने वाली किरन के पिता सतीश बालियान 44वीं बटालियन पीएसी में कार्यरत हैं। उनकी माता बाबी बालियान हर दिन किरन के साथ स्टेडियम में उन्हें प्रशिक्षण दिलाने लेकर पहुंचती हैं। इसके अलावा वह विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी किरन के साथ आया-जाया करती हैं जिससे किरन का मनोबल बना रहे।

फेडरेशन कप और वल्र्ड यूनिवर्सिटी गेम्स पर है नजर

किरन बालियान की नजर अब 15 से 19 मार्च तक पटियाला में होने जा रहे फेडरेशन कप पर है। उसकी तैयारी जोरों पर चल रही है। इसके ठीक बाद अप्रैल में ही वल्र्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए ट्रायल भी हो सकते हैं। वर्तमान में इन दोनों प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन को उम्दा रखते हुए किरन अपने प्रशिक्षण पर फोकस रखते हुए आगे बढ़ रही हैं।

इस प्रकार हैं किरन बालियान की उपलब्धियां

-उत्तर प्रदेश स्टेट चैंपियनशिप, 2017 : 14.55 मीटर, रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-नार्थ जोन एथलेटिक चैंपियनशिप, 2917 : 14.65 मीटर, रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-नेशनल एथलेअिक चैंपियनशिप, 2017 : 14.54 मीटर, नया रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-आल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप, 2017 : 14.37 मीटर, रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-जूनियर फेडरेशन चैंपियनशिप कोयंबटूर, 2018 : 15.23 मीटर, रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-साउथ एशियन जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप, 2018 : 14.77 मीटर, नया रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-जूनियर एशियन चैंपियनशिप जापान, 2018 : 14.02 मीटर : चौथा स्थान

-27वीं यूपी स्टेट ओपन एथलेटिक चैंपियनशिप प्रयागराज : 16.87 मीटर, रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप मैंगलोर, 2020 : 15.69 मीटर, रिकार्ड : स्वर्ण पदक

-प्रथम खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स भुवनेश्वर, 2020 : 15.10 मीटर : स्वर्ण पदक