वार्ता से पहले ट्विटर के ब्लॉग पोस्ट पर सरकार ने जताई नाराजगी, ट्विटर ने कहा- जारी रखेंगे अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन


सरकार ने कहा कृषि कानूनों को लेकर ट्विटर पर फैलाई जा रहीं भ्रांतियां
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वदेशी माइक्रोब्लॉगिंग साइट कू पर पोस्ट ब्लॉग में कहा है कि ट्विटर ने सरकार के साथ बातचीत का अनुरोध किया था। आइटी सचिव ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने वाले थे ।

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सचिव के साथ बातचीत से पहले ट्विटर द्वारा ब्लॉग पोस्ट के जरिये कुछ अकाउंट पर रोक लगाने की जानकारी देने पर नाराजगी जताई है। ट्विटर ने अपने ब्लॉग में कहा है कि सरकार के निर्देश पर उसने कुछ अकाउंट बंद तो किए हैं, लेकिन मीडिया के ट्विटर हैंडल, पत्रकारों, एक्टिविस्ट और नेताओं के अकाउंट बंद नहीं किए गए हैं, क्योंकि ऐसा करने से उनके बोलने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वदेशी माइक्रोब्लॉगिंग साइट कू पर पोस्ट ब्लॉग में कहा है कि ट्विटर ने सरकार के साथ बातचीत का अनुरोध किया था। आइटी सचिव ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने वाले थे। ऐसे में बैठक से पहले ट्विटर द्वारा ब्लॉग पोस्ट किया जाना 'असामान्य' है। मंत्रालय ने कहा है कि सरकार जल्द ही अपना जवाब देगी। बता दें कि कू भी ट्विटर की तरह माइक्रोब्लॉगिंग साइट है और उसे ट्विटर का विकल्प माना जा रहा है।

ट्विटर ने कहा, जारी रहेगी अभिव्यक्ति की आजादी

इससे पहले, ट्विटर ने बुधवार को कहा कि भारत सरकार द्वारा 'केवल भारत में ही' कुछ आकउंट को बंद करने के निर्देश के तहत उसने कुछ आकउंट पर रोक लगाई है। ट्विटर ने जोर देकर कहा कि वह अपने यूजर्स की अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करना जारी रखेगा और इसके लिए वह सक्रियता से भारतीय कानून के तहत विकल्पों पर विचार कर रहा है जो ट्विटर एवं यूजर के खातों को प्रभावित करते हैं।