गुजरात के पूर्व विधायक डॉ कनुभाई कलसरिया को छह माह की सजा

 

गुजरात के पूर्व विधायक डॉ कनुभाई कलसरिया को छह माह की सजा। फाइल फोटो

भावनगर जिले की महुवा तहसील के बांभोर गांव में चल रहे अल्‍ट्राटेक कंपनी के खनन का विरोध करते हुए पूर्व विधायक डॉ कलसरिया व उनके समर्थक जेसीबी औक फावड़े लेकर वहां पहुंचे तथा खनन की जगह में मिट्टी भरकर खनन के काम को बंद करा दिया था।

अहमदाबाद, संवाददाता।  गुजरात के पूर्व विधायक डॉ कनुभाई कलसरिया व उनके छह समर्थकों को एक निजी कंपनी के परिसर में घुसकर खनन का काम अटकाने के मामले में छह मास के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने फैसले पर अपील के लिए सभी दोषियों को जमानत पर छोड़ दिया है। भावनगर जिले की महुवा तहसील के बांभोर गांव में चल रहे अल्‍ट्राटेक कंपनी के खनन का विरोध करते हुए पूर्व विधायक डॉ कलसरिया व उनके समर्थक जेसीबी औक फावड़े लेकर वहां पहुंचे तथा खनन की जगह में मिट्टी भरकर खनन के काम को बंद करा दिया था। कंपनी ने गुजरात सरकार की मंजूरी से यहां खनन का काम शुरू किया था।

कंपनी की ओर से दाठा पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 427 के तहत इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। शुक्रवार को तलाजा की कोर्ट में जज एजी डोडिया ने इस मामले की सुनवाई के बाद डॉ कलसरिया सहित सात लोगों को दोषी मानते हुए छह माह के कारावास तथा पांच सौ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक माह की अतिरिक्‍त सजा काटनी होगी। अदालत ने दोषियों को सजा के फैसले के खिलाफ अपील के लिए मौका देते हुए उसी कोर्ट में जमानत पर रिहा कर दिया है।

पर्यावरण मित्र व किसान आंदोलनकारी डॉ कलसरिया व उनके साथी मनुभाई चावड़ा का कहना है कि इस फैसले के खिलाफ वे उच्‍च अदालत में अपील करेंगे। उनका यह भी दावा है कि विरोध से पहले उन्‍हें कंपनी संचालकों को सविनय कानून भंग करने की सूचना दे दी थी। गौरतलब है कि डॉ कलसरिया वर्ष 1997 से 2012 तक तीन बार महुवा से भाजपा के विधायक चुने गए। वर्ष 2014 से 2018 तक वे गुजरात में आम आदमी पार्टी (आप) का चेहरा बने, लेकिन 2014 में लोकसभा चुनाव हार गए। 2018 में डॉ कलसरिया कांग्रेस में शामिल हो गए थे।