गाजीपुर सीमा पर किसानों से मिलने गए विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका, हरसिमरत कौर ने कही ये बात

 

गाजीपुर सीमा पर किसानों से मिलने गए विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका, हरसिमरत कौर ने कही ये बात

किसानों के आंदोलन को राजनीतिक पार्टियों द्वारा भी समर्थन मिल रहा है। आए दिन कोई न कोई नेता दिल्ली की सीमा पर जाकर अपना समर्थन देता है। आज उस कड़ी में विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी गाजीपुर सीमा पर पहुंचा है।

नई दिल्ली, एएनआइ। दिल्ली की सीमा पर जुटे किसानों को आज 71 दिन होने जा रहे हैं। तीन कृषि कानूनों को रद व MSP पर कानून को लेकर किसान लंबे समय से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों की एक ही मांग है कि जल्द से जल्द कानून रद हो। वहीं, 26 जनवरी को ये आंदोलन दिल्ली पर भारी पड़ा था, जहां प्रदर्शनकारी लाल किले तक पहुंच गए थे और भारत की गरिमा को चोट पहुंचाई थी। हालांकि, उस मामले में किसान नेता का कहना है कि वह सब सरकार के लोग थे। अब जहां किसानों के आंदोलन को राजनीतिक पार्टियों द्वारा भी समर्थन मिल रहा है। आए दिन कोई न कोई नेता दिल्ली की सीमा पर जाकर अपना समर्थन देता है। आज उस कड़ी में विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी गाजीपुर सीमा पर पहुंचा। हालांकि, उनको किसानों से मिलने नहीं दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल को गाजीपुर सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने नहीं देने पर वापस लौटना पड़ा। इसपर SAD MP हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि हम यहां हैं ताकि हम इस मुद्दे (किसानों के विरोध) पर संसद में चर्चा कर सकें, स्पीकर हमें इस मुद्दे को उठाने नहीं दे रहे हैं। अब सभी पक्ष इस बात का विवरण देंगे कि यहां क्या हो रहा है। बता दें कि प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोक दिया था। एक नेता ने कहा कि एसएडी, डीएमके, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस सहित 10 विपक्षी दलों के पंद्रह सांसदों को पुलिस द्वारा गुरुवार को गाजीपुर सीमा पर पहुंचने से रोक दिया गया, ताकि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात न की जा सके।

एसएडी सांसद हरसिमरत कौर बादल के अनुसार, नेताओं को बैरिकेड्स पार करने और विरोध स्थल तक पहुंचने की अनुमति नहीं थी। बादल के अलावा, एनसीपी से सुप्रिया सुले, द्रमुक से कनिमोझी और तिरुचि शिवा, टीएमसी से सौगत राय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस, आरएसपी और आईयूएमएल के सदस्य भी इसका हिस्सा थे।