कौन है बेंगलुरु की दिशा रवि, ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट के साथ क्या है कनेक्शन?

दिल्ली पुलिस की टीम की गिरफ्त में दिशा रवि। टूलकिट को एडिट करके किया था फारवर्ड।

किसानों के आंदोलन को देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी समर्थन मिल रहा था। इन सबके पीछे देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने की साजिश रची गई थी। किसानों के आंदोलन के माध्यम से छवि को खराब करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया

नई दिल्ली । दिल्ली में चल रहे किसानों के आंदोलन को देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी समर्थन मिल रहा था। इन सबके पीछे देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने की साजिश रची गई थी। किसानों के आंदोलन के माध्यम से छवि को खराब करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया, अब उसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल इस पर शुरू से काम कर रही है।

इसी दिशा में सबसे पहले पर्यावरण के लिए काम करने वाली ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट का पता चला था, उस ट्वीट के माध्यम से किसानों को किस तरह से आंदोलन करना है उसकी रणनीति क्या होगी। ये सारी चीजें दुनिया भर में फैलाई गई। पुलिस ने मामला सामने आने के बाद केस दर्ज किया था, इसकी जांच चल रही है। इस दिशा में पुलिस ने बेंगलुरू से दिशा रवि नामक लड़की को गिरफ्तार किया है। 

इससे पहले दिशा रवि का नाम किसी तरह से नहीं सुना गया था मगर ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट को एडिट करके उसे प्रमोट करने में अब दिशा रवि का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है और पूछताछ कर रही है। हम आपको बताते हैं कि आखिर कौन है दिशा रवि? जिनका किसानों के आंदोलन में अचानक से नाम सामने आ गया, क्या है उनका ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट से कनेक्शन। 

न है दिशा रवि 

दिशा रवि बेंगलुरु के प्रतिष्ठित माउंट कार्मेल की छात्रा हैं। दिशा ने साल 2018 में ग्लोबल क्लाइमेट स्ट्राइक मूवमेंट शुरू करने वाली संस्था एफएफएफ की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने माउंट कार्मल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया है। वो इस समय गुड माइल्क कंपनी के साथ जुड़ी हुई हैं। दिशा के पिता रवि मैसूरु में एक एथलेटिक्स कोच हैं और उनकी मां एक गृहिणी हैं। देश में ‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ अभियान के फाउंडर सदस्यों में दिशा रवि भी शामिल हैं।

क्या था मामला 

पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन के समर्थन में एक टूलकिट ट्वीट किया था, जिसमें किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार को घेरने और भारत को बदनाम करने की साजिश रची गई थी। इस मामले पर बवाल मचने के बाद ग्रेटा ने अपना यह ट्वीट हटा लिया था। दिल्ली पुलिस ने 4 फरवरी को ग्रेटा द्वारा शेयर इस टूलकिट को लेकर केस दर्ज किया था। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद ग्रेटा थनबर्ग ने एक बार फिर किसानों के समर्थन में ट्वीट किया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि कोई भी नफरत, धमकी इसे बदल नहीं सकती।

क्यों की गई गिरफ्तारी 

दरअसल दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था, उसके बाद इस टूलकिट को एडिट करने और उसे दुनिया भर में फैलाने वालों की तलाश की जा रही थी। पुलिस ने कहा कि इस मामले में शांतनु और निकिता को और गिरफ्तार किया जाना है। आरोप है कि दिशा रवि ने किसानों से जुड़ी टूलकिट को एडिट किया उसमें कुछ चीज़ें जोड़ी और उसके आगे भेजा था।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने टूलकिट मामले में 4 फरवरी को देश के खिलाफ साजिश रखने, हिंसा के लिए भड़काने और नफरत फैलाने के मामले में पहला मामला दर्ज किया था। टूलकिट मामले में हुई यह पहली गिरफ्तारी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जब उन्हें गिरफ्तार किया गया, उस वक्त वह घर से ही काम कर रही थीं।