आज शाम प्रधानमंत्री मोदी करेंगे विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन का उद्घाटन


आज से शुरू हो रहा विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन

आज से शुरू हो रहे विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 6.30 बजे करेंगे। यह 12 फरवरी तक चलेगा। इस बार के शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय सबके लिए सुरक्षित और संरक्षित पर्यावरण और हमारा साझा भविष्‍य है।

नई दिल्ली, एजेंसी।  आज से दो दिवसीय विश्‍व सतत विकास शिखर सम्‍मेलन 2021 की शुरुआत हो रही है। इसका शुभारंभ आज शाम 6.30 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए  करेंगे। इसकी जानकारी सोमवार को  प्रधानमंत्री कार्यालय  ने दी थी। इसके अनुसार इस बार सम्‍मेलन का मुख्‍य विषय 'सबके लिए सुरक्षित और संरक्षित पर्यावरण और हमारा साझा भविष्‍य' है। इस सम्मेलन में ऊर्जा और उद्योग संक्रमण, अर्थव्यवस्था, स्वच्छ महासागर और वायु प्रदूषण जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।

नई दिल्‍ली स्थित द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीटयूट (TERI) की ओर से आयोजित यह 20वां शिखर सम्‍मेलन है, जिसमें विश्‍व में सतत विकास को लेकर दो दिनों तक चर्चा होगी। बयान के मुताबिक इस शिखर सम्मेलन को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

PMO की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गुयाना के राष्ट्रपति डॉक्टर मोहम्मद इरफान अली, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री  जेम्स मारापे, मालदीव के पीपुल्स मजलिस के स्पीकर मोहम्मद नशीद,  संयुक्‍त राष्‍ट्र की उपमहासचिव अमीना जे मोहम्‍मद भी शामिल होंगे। 

बता दें कि विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन TERI का एक प्रमुख वार्षिक सम्मेलन है।

यह सम्मेलन एक ही मंच पर वैश्विक नेताओं और विभिन्न शोधकर्त्ताओं के एकत्रित होने और व्यापक महत्त्व वाले जलवायु संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।

दिल्ली सतत् विकास शिखर सम्मेलन की विरासत को जारी रखने वाले इस सम्मेलन की  शुरुआत वर्ष 2001 में 'सतत् विकास' को विश्व स्तर पर साझा लक्ष्य बनाने के उद्देश्य से की गई थी। अनुसंधान, नीति, परामर्श और कार्यान्वयन क्षमताओं से युक्त एक स्वतंत्र, बहुआयामी संगठन TERI पिछले चार दशकों में  ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और स्थिरता के क्षेत्र में एक प्रमुख विचार मंच और अनुसंधान संस्थान के रूप में उभरकर सामने आया है। 1974 में स्थापित इस संस्थान को पूर्व में टाटा ऊर्जा अनुसंधान संस्थान के नाम से जाना जाता था।