कृष्णा ने खेल-खेल में निगल लिया दो रुपये का सिक्का, जानिए फिर क्या हुआ

 


बच्चे खूब शरारतें करते हैं। कई बार उनकी शरारतें पूरे परिवार को चिंता में डाल देती हैं।
बच्चे खूब शरारतें करते हैं। कई बार उनकी शरारतें पूरे परिवार को चिंता में डाल देती हैं। उन्हें समझ नहीं आता कि करें तो क्या करें? ऐसा ही एक मामला नौरंगाबाद स्थित हीरा लाल सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में आया है।

अलीगढ़। बच्चे खूब शरारतें करते हैं। कई बार उनकी शरारतें पूरे परिवार को चिंता में डाल देती हैं। उन्हें समझ नहीं आता कि करें तो क्या करें? ऐसा ही एक मामला नौरंगाबाद स्थित हीरा लाल सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में आया है। यहां पिछले दिनों आठ वर्षीय एक बच्ची को भर्ती कराया गया, उसके गले में दो रुपये का सिक्का अटका था, जो उसने खेलते समय निगल लिया। डा. तरुण वार्ष्णेय ने सिक्के को एंडोस्कोपी की मदद से बाहर निकाला। 

ऐसे निकाला सिक्‍का

गेस्ट्रोएंट्रोजिस्ट डा. तरुण वार्ष्णेय ने बताया कि सिकंदराराऊ की आठ वर्षीय बच्ची कृष्णा ने चार दिन पूर्व खेल-खेल में दो रुपये का सिक्का निगल लिया। डर की वजह से इस बारे में उसने किसी को नहीं बताया, मगर जब खाने में तकलीफ हुई तो रोते हुए स्वजनों को जानकारी दी। स्वजनों ने उसका एक्स-रे कराया तो गले में सिक्का नुमा चीज अटकी पाई गई। स्वजन परेशान हो उठे कि गले से सिक्का कैसे निकाला जाए? कई लोगों ने डराया कि अब तो गले के आपरेशन से ही सिक्का निकलेगा। छोटी बच्ची के ऐसे आपरेशन का जिक्र सुनते ही स्वजन चिंतित हो उठे। फिर, किसी के बताने पर वे बच्ची को लेकर अलीगढ़ स्थित हीरा लाल सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल पहुंचे। स्वजनों को समझाया गया कि आप लोग चिंता न करें। एंडोस्कोपी की मदद से बिना आपरेशन किए सिक्का बाहर निकाल दिया जाएगा। स्वजन सहर्ष तैयार हो 

ऑपरेशन के बाद मिला आराम

डा. तरुण के अनुसार 19 फरवरी को बच्ची को भर्ती कर लिया गया। एंडोस्कोपी की मदद से आहार नली के निचले हिस्से में फंसे हुए दो रुपये का सिक्का सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया गया। आपरेशन के बाद बच्ची को तुरंत आराम मिल गया। ज्यादा खर्चा भी नहीं हुआ। डीएम गेस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट डा. तरुण ने बताया ऐसे तमाम आधुनिक विधियों से बिना आपरेशन या छोटे आपरेशन से गंभीर मर्ज का इलाज किया जा सकता है। हमारे हास्पिटल में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। पेट रोग से जुड़े सभी मर्जों का इलाज होता है। उधर, आपरेशन के बाद कृष्णा के स्वजनों ने डा. तरुण व उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।