कोरोना को ता ता थैया करा रही कथक क्वीन, अभियान में शामिल हुए स्‍कूल के कई बच्‍चे

 


दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर की रहने वाली शाइनी शर्मा
शाइनी ने अपने इसी जुनून के चलते लॉकडाउन के दौरान 24 मार्च से 21 अप्रैल तक का ऑनलाइन माध्यम से 21 दिन का जागरुकता अभियान शुरू किया। इस अभियान की थीम थी स्टे एट होम एंड मेक अ चेन टू ब्रेक अ चेन।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच एक ओर जहां पूरी दुनिया में डर का माहौल है। वहीं, 11 साल की कथक क्वीन सभी को इस महामारी से बचाव के प्रति कथक के माध्यम से जागरुक कर उनका डर दूर कर रही है। दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर की रहने वाली शाइनी शर्मा राजेंद्र नगर स्थित मानव स्थली स्कूल में कक्षा छह की छात्रा है। वो कहती है कि कहीं न कहीं देश में भारतीय संस्कृति को छोड़कर पाश्चात्य संस्कृति पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। ऐसे में वो कथक के माध्यम से भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने चाहती है। शाइनी कहती है कि कथक ही उनका जुनून है। वो हर वक्त कथक के बारे में ही सोचती है।

शाइनी ने अपने इसी जुनून के चलते लॉकडाउन के दौरान 24 मार्च से 21 अप्रैल तक का ऑनलाइन माध्यम से 21 दिन का जागरुकता अभियान शुरू किया। इस अभियान की थीम थी स्टे एट होम एंड मेक अ चेन टू ब्रेक अ चेन (घर पर रहें और एक श्रंखला को तोड़ने के लिए एक श्रंखला बनाएं)। इसमें वो रोज सुबह अलग-अलग विषयों पर कथक कर वीडियो पोस्ट करती हैं। शाइनी बताती हैं कि उन्होंने इस अभियान में कथक कर लोगों को मास्क पहनने, घर से बाहर न निकलने, शारीरिक दूरी बनाएं रखने का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना वारियर्स के सम्मान में भी कथक किया।

इसमें उन्होंने कोरोना महामारी में जान गवां चुके शिक्षकों, डॉक्टर, नर्स, पुलिस, सैनिक और पत्रकारों को श्रद्धांजलि भी दी। शाइनी बताती हैं कि 21 दिनों के लिए शुरू किया गया ये अभियान अभी तक जारी है। उनके उत्साह को देखने के बाद उनके स्कूल के अन्य छात्र भी उनके इस अभियान में शामिल हुए। शाइनी कहती हैं कि आज कहीं न कहीं भारतीय संस्कृति को छोड़कर पाश्चात्य संस्कृति पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। ऐसे में वह कथक के माध्यम से भारत की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहती हैं। वो कहती हैं कि अभिभावकों को कभी अपनी मर्जी बच्चों पर थोपनी नहीं चाहिए। उन्हें हमेशा उनकी इच्छाओं के प्रति उनका साथ देना चाहिए।

शाइनी बताती है कि जब वो मात्र छह साल की थी उनकी माता ने गर्मी की छुट्टियों में कथक सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने मंडी हाउस स्थित संगीत भारती से चार साल तक लखनऊ घराने की कथक गुरू तुलिका पाल से शुरु कथक सीखा। फिलहाल वह आइटीओ स्थित गंधर्व महाविद्यालय मेें कथक गुरू मउमाला नायक से कथक का प्रशिक्षण ले रही है। शाइनी ने भाटखंडे विद्यापीठ, लखनऊ से प्रथमा और मध्यमा की परीक्षा उत्तीर्ण की है। फिलहाल वह प्रवेशिका प्रथम कर रही हैं।

कथक क्वीन का खिताब जीत चुकी हैं

शाइनी के मुताबिक साल 2019 में उन्होंने रियलिटी शो इंडिया टैलेंट फाइट में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में उनके कथक के जुनून के चलते कथक क्वीन के खिताब से नवाजा गया था। वहीं, शो के निर्माताओं ने कथक में उनकी उपलब्धियों के लिए "शाइनी द कथक क्वीन’ नाम से एक डाक्यूमेेंट्री (वृत्तचित्र) भी बनाई थी। इसके साथ ही शाइनी कई स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी पुरस्कार जीत चुकी है। शाइनी के मुताबिक कथक में वह जोनल स्तरीय प्रतियोगिता भी जीत चुकी हैं। वो आकाशवाणी के कार्यक्रम छोटे उस्ताद में भी आ चुकी हैं।

आइएएस बनना है उनका लक्ष्य

शाइनी कहती हैं कि कथक उनका जुनून हैं लेकिन वो इसे करियर के तौर पर नहीं देखती। वो कहती हैं कि वह आगे चलकर समाज के उत्थान के लिए काम करना चाहती। इसलिए वो आइएएस बन कर देश सेवा में आना चाहती हैं। शाइनी की माता ज्योति के मुताबिक वह जितनी लगन से कथक सीखती है उतनी ही लगन से पढ़ाई भी करती है। उन्होंने बताया कि शाइनी को कहानियां सुनाने का बहुत शौक है। फुरसत मिलते ही वह अपने दादा-दादी को कहानी सुनाती हैं।

उपलब्धियां

- दिल्ली डांस चैंपियनशिप में प्रथम विजेता ट्रॉफी।

- नटराडज डांस प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर अप रही।

- राष्ट्रीय उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित।

- साल 2020 में कल्कि गौरव सम्मान पुरस्कार और राष्ट्रीय उत्कृष्ट पुरस्कार जीता

- लाकडाउन स्टार आफ इंडिया में प्रथम पुरस्कार।

- इआइसीडी 2020 ऑनलाइन प्रतियोगिता में राइजिंग स्टार आफ 2020 का खिताब जीता।