दिल्ली से पंजाब तक किसान प्रदर्शनकारियों का यू टर्न, 'गद्दार' के लिए जागी हमदर्दी; कर रहे रिहाई की मांग

 

लाल किला उपद्रव मामले में गिरफ्तार पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू।

 लाल किला पर हुई हिंसा में दीप सिद्धू का नाम आने पर जो किसान प्रदर्शनकारी उसे गद्दार कह रहे थे वह अब पटल गए हैं। आलम यह है कि किसान प्रदर्शनकारी अपने मंच से ही दीप सिद्धू को रिहा करने की मांग कर रहे हैं।

नई दिल्ली,  संवाददताा। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 79वें दिन पहुंच गया है। इस बीच लाल किसान हिंसा मामले में गिरफ्तार पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू को लेकर किसान प्रदर्शनकारियों के रुख में बड़ा बदलाव आया है। 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किला पर हुई हिंसा में दीप सिद्धू का नाम आने पर जो किसान प्रदर्शनकारी उसे गद्दार कह रहे थे, वह अब पटल गए हैं। आलम यह है कि किसान प्रदर्शनकारी अपने मंच से ही दीप सिद्धू को रिहा करने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले 26 जनवरी के बाद किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने दीप के साथ कोई भी रिश्ता नहीं होने से इनकार किया था।

वहीं, लाल किला उपद्रव मामले में गिरफ्तार पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू व अन्य उपद्रवियों को रिहा करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को सिंघु बार्डर पर मार्च निकाला गया। मार्च में ज्यादातर नौजवान व महिलाएं ही शामिल थीं। इन्होंने दीप सिद्धू व पंजाब के गैंगस्टर लखवीर सिंह उर्फ लक्खा सिधाना के पोस्टर हाथों में पकड़े हुए थे। इनका कहना था कि सरकार इनको जल्द से जल्द रिहा करे। हरियाणा से शुरू हुई मार्च सिंघु बॉर्डर तक पहुंची।

यह भी बताया जा रहा है कि पंजाब में अमृतसर के बाबा बकाला क्षेत्र से आए प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के नेताओं से उन्हें रिहा करवाने की मांग की। इस पर सतनाम सिंह पन्नू ने भी सिद्धू समेत सभी गिरफ्तार उपद्रवियों को रिहा करने की बात कही। बता दें कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू व महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने लाल किले पर हुए उपद्रव के बाद दीप को गद्दार बताया था और उससे कोई रिश्ता न होने की बात भी कही थी।