कांग्रेस ने निगम पॉलिटिक्‍स पर साधा निशाना, कहा- दलों की नूरा-कुश्ती के चलते बिगड़े हालात


बजट पर चर्चा में सुझाव रखते निगम में कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल

गोयल ने पूर्व में रही शीला दीक्षित सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार ने निगमों को कभी फंड की कटौती नहीं होने दी। निगम को मदद करने के लिए न केवल लोन दिए बल्कि जब-जब अनुदान की आवश्यकता रही तो अनुदान भी दिए।

नई दिल्ली, संवाददाता। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल ने स्थायी समिति अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी की ओर से प्रस्तुत किए गए संशोधित बजट अनुमान 2020-21 और प्रस्तावित बजट अनुमान 2021-22 को लेकर सदन की विशेष बैठक में अपने सुझाव रखे। इस दौरान उन्होंने निगम में सत्तारूढ़ भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों राजनीतिक दलों की नूरा-कुश्ती के चलते निगम के हालात बिगड़ रहे हैं।

गोयल ने पूर्व में रही शीला दीक्षित सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार ने निगमों को कभी फंड की कटौती नहीं होने दी। निगम को मदद करने के लिए न केवल लोन दिए, बल्कि जब-जब अनुदान की आवश्यकता रही तो अनुदान भी दिए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में शिक्षा, सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में उत्तरी दिल्ली निगम का प्रदर्शन शून्य रहा है।निगम विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को किताबें, स्टेशनरी, बस्ता, वर्दी, जूते और दूसरे मदों में पूरा शिक्षा सत्र बीत जाने के बावजूद एक पैसा जारी नहीं किया गया। आयुष और एलोपैथिक अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए दवाइयां तक नहीं खरीदी गईं। दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों के वेतन व एरियर के साथ ही झाड़ू की कमी की वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे, जो अब भी लगे हैं।

नेता कांग्रेस दल ने कहा कि बजट में आहार वैन की घोषणा एक तरह से चुनावी जुमला है। 25 हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार के युवाओं को यह वैन दी जाएगी। इसके लिए पार्षद आय प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। तो क्या पार्षद के पास आय प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार हैं और क्या यह मान्य होगा। कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष विकास गोयल ने कहा कि कांग्रेस दल के नेता बजट भाषण में भाजपा का साथ देते नजर आए।

‘हर संपत्ति मालिक तक पहुंचाएं आम माफी योजना की जानकारी’

उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने संपत्तिकर से आने वाले राजस्व को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्य करने वाले अधिकारियों को निर्देश दिया कि निगम की ओर से शुरू की गई आम माफी योजना का लाभ लोगों को मिल सके, इसके प्रयासों में कोई कमी न रहे। हर संपत्ति मालिक तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं।