चंडीगढ़ की इन सगी बहनों की जोड़ियां दिखा रही कमाल, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाया नाम

 

तारिणी व अरुणिमा गोयल, सिमरन और हरमनजीत कौर तथा शुभकरमन कौर और मनिमेहताब कौर।

ये हैंं चंडीगढ़ की सगी बहनों की जोड़ियां। ये सगी बहनें खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा चुकी हैं। भले ही ये एक-दूसरे पर जान छिड़कती हैं लेकिन जब खेल होता है तो आपस में प्रतिस्पर्धी बन जाती हैं।

चंडीगढ़ । फोगाट बहनों की तरह चंडीगढ़ में भी कई सगी बहनें ऐसी हैं, जो वैसे तो एक दूसरे पर जान छिड़कती हैं, लेकिन जब बात मेडल जीतने की हो तो एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देती हैं। ऐसी ही सगी बहनें हैंं इंटरनेशनल चेस खिलाड़ी तारिणी और अरुणिमा गोयल, एथलीट सिमरन और हरमनजीत कौर और नेशनल स्तर की तैराक शुभकरमन कौर और मनीमेहताब कौर। यह सगी बहनें सालों से मेडल जीत रही हैं।

चेस में नहीं है तारिणी और अरुणिमा गोयल का कोई सानी

तारिणी गोयल और उसकी छोटी बहन अरुणिमा गोयल इंटरनेशनल चेस खिलाड़ी हैंं। तारिणी गोयल अब तक 13 इंटरनेशनल मेडल जीत चुकी हैं। इनमें चार मेडल एशियन यूथ चैंपियन फिलीपींस में, एक मेडल एशियन यूथ चेस चैंपियनशिप ईरान में, दो मेडल वर्ल्ड यूथ फेयर चैंपिनयशिप साउथ कोरिया में, एक मेडल एशियन यूथ चैंपिनयशिप चीन में जीता है। इसके अलावा चंडीगढ़ की तरफ से खेलते हुए 20 से ज्यादा नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी तारिणी व अरुणिमा गोयल।

तारिणी की छोटी बहन अरुणिमा गोयल भी कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुकी हैंं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में निदेशक के पद पर तैनात तारिणी के पिता अशीष गोयल और माता जूही बताते हैं कि उनकी बेटियां न सिर्फ चेस की शौकीन हैंं बल्कि पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रहती हैं।

सिमरन और हरमनजीत कौर अपनी कैटेगरी की हैं बेस्ट एथलीट

चंडीगढ़ स्टेट जूनियर एथलेटिक्स मीट में कौर बहनें अपनी -अपनी कैटेगरी की बेस्ट एथलीट्स चुनी गई। बड़ी बेटी सिमरन कौर जहां पिछले तीन साल से चंडीगढ़ एथेलटिक्स मीट में बेस्ट एथलीट हैं। वहीं इसी बार टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली उनकी छोटी बेटी हरमनजीत कौर भी बेस्ट एथलीट चुनी गई। एसडी पब्लिक स्कूल-32 में 12वीं की पढ़ाई कर रही सिमरन अभी तक अलग -अलग प्रतियोगिताओं में 11 बार बेस्ट एथलीट चयनित हो चुकी हैं।

सिमरन और हरमनजीत कौर।

सोलह साल की सिमरन ने कुल 85 मेडल जीते हैं, जिसमें चार नेशनल मेडल हैं। सिमरन अंडर -14 के बाद से अब तक हर स्टेट एथलेटिक्स मीट में यूटी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की हर तरफ से साल बेस्ट एथलीट रही हैं। इसमें तिरुपति में आयोजित ड्रिस्टिक नेशनल गेम्स में ट्रैक रनिंग रिकार्ड तोड़ा और 200 मीटर दौड़ 26.17 सैकेंड में पूरी की। विजयवाड़ा में आयोजित जूनियर नेशनल गेम्स 800 मीटर दौड़ में ब्रांज मेडल जीता।

महाराष्ट्र में आयोजित स्कूल नेशनल गेम्स में 200 मीटर में ब्रांज मेडल जीता। वहीं गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेंकेंडरी स्कूल-47 में पढ़ने वाली हरमनजीत कौर ने पहली बार चंडीगढ़ स्टेट जूनियर एथलेटिक्स मीट में हिस्सा लिया था। हरमन ने शाटपुट में 8.11 मीटर थ्रो करके पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, दूसरा गोल्ड मेडल हरमन ने 30 मीटर बाल थ्रो करके जीता।

इन दोनों बहनों में भी मेडल जीतने की लगी रहती है होड़

पूर्व एथलीट एसोसिएट प्रोफेसर डॉ जसविंदर कौर और पंजाब कॉपरेटिव सोसायटी के चीफ आडिटर बलजिंद्र सिंह की दोनों बेटियां नेशनल स्तर के स्विमर हैं। डॉ. जसविंदर कौर 400 मीटर रेस में नेशनल रिकार्ड होल्डर हैं। इनकी दोनों बेटियों में मेडल जीतने की होड़ लगी रही है। बड़ी बहन शुभकरमन स्विमिंग में 100 मीटर बैक स्ट्रोक और 100 मीटर फ्री स्टाइल में स्वीमिंग करती हैं। साल 2018 में पीयू इंटर यूनिवर्सिटी में शुभकरमन ने दो गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीते थे।

शुभकरमन कौर और मनिमेहताब कौर।

इससे पहले शुभकरमन ने साल 2015 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में सिल्वर मेडल जीता था। साल 2013 के वुमंस नेशनल गेम्स में एक सिल्वर और दो ब्रांज मेडल जीते थे। शुभकरमन अब तक 150 से ज्यादा मेडल जीत चुकी हैं, जिसमें 70 के करीब गोल्ड हैं। वहीं हाल ही कंबाइंड डिफेन्स सर्विसेज (सीडीएस) का टेस्ट क्लीयर कर सेना में सेवाएं देने वाली मनीमेहताब कौर ने साल 2018 की पीयू इंटर यूनिवर्सिटी स्विमिंग चैंपियनशिप में एक गोल्ड और चार मेडल जीते थे। मनीमेहताब 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक, 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक और 200 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक की प्रतियोगिता में हिस्सा लेती हैं। वह अब तक अलग -अलग प्रतियोगिताओं में 100 से ज्यादा मेडल जीत चुकी हैं।