फुरफुरा शरीफ के पीरजादा व नवगठित पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट के प्रमुख का सनसनीखेज दावा

 

फुरफुरा शरीफ के पीरजादा व नवगठित पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट के प्रमुख का सनसनीखेज दावा।

आइएसएफ के प्रमुख अब्बास सिद्दीकी ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के एक नेता ऊंचे पद के लालच में मोदी और दीदी दोनों से मिले हुए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद वे तृणमूल से हाथ मिला लेंगे।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। फुरफुरा शरीफ के पीरजादा व नवगठित पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के प्रमुख अब्बास सिद्दीकी ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के एक नेता ऊंचे पद के लालच में मोदी और दीदी दोनों से मिले हुए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद वे तृणमूल से हाथ मिला लेंगे। सिद्दीकी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने उनसे साफ तौर पर कहा है कि चूंकि गठबंधन के बाद कांग्रेस के पास सिर्फ 52 विधानसभा सीटें रह गई हैं इसलिए उनमें से कोई सीट आइएसएफ के साथ बांटी नहीं जा सकती।

इसके जवाब में प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही है। अब्बास सिद्दीकी झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के किसी नेता के तृणमूल कांग्रेस से मिले होने की बात से भी इन्कार किया। गौरतलब है कि रविवार को ब्रिगेड रैली के मंच पर ही कांग्रेस के साथ सिद्दीकी की अनबन खुलकर सामने आ गई थी। सिद्दीकी ने अपने भाषण में सिर्फ वामो उम्मीदवारों को जिताने की बात कही थी, कांग्रेस उम्मीदवारों का नाम नहीं लिया था। इसकी वजह भी उन्होंने खुद बताई थी। सिद्दीकी ने कहा था कि वे गठबंधन में भागीदारी करने आए हैं, किसी को तुष्ट करने नहीं।

उन्होंने वामो अध्यक्ष विमान बोस को उनकी तरफ से आइएसएफ को 30 सीटें दिए जाने पर शुक्रिया अदा किया था। भाषण के दौरान कई बार वरिष्ठ माकपा नेता मोहम्मद सलीम का भी उन्होंने जिक्र किया था, लेकिन एक बार भी मंच पर मौजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी का नाम नहीं लिया था। गौरतलब है कि कांग्रेस और आइएसएफ के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी भी बात नहीं बन पाई है। हालांकि, सिद्दीकी ने यह जरूर कहा कि कांग्रेस के लिए बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं। सोमवार को सिद्दीकी ने कांग्रेस पर दबाव बढ़ाते हुए कहा कि वह सीटों को लेकर अपनी स्थिति साफ करे।