मिलिंद परांडे बोले, झारखंड सीएम के बयान से मतांतरण को मिलेगा बढ़ावा

 


रांची में पत्रकारों से बातचीत करते विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ( दाएं से दूसरे), पद्मश्री मुकुंद नायक (दाएं)।

विहिप के केंद्रीय महामंत्री ने कहा कि ईसाई मिशनरियों की ओर से किए जा रहे मतांतरण को रोकने का काम संगठन के कार्यकर्ता करेंगे। मिलिंद परांडे ने कहा कि निधि समर्पण अभियान के दौरान देश के चार लाख गांवों के 11 करोड़ परिवारों तक पहुंचने में सफल रहे।

रांची, सं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि अयोध्या में बनने वाले भव्य राममंदिर निर्माण के लिए चलाए गए निधि समर्पण अभियान के तहत देश के चार लाख गांवों के 11 करोड़ परिवारों तक पहुंचने में कार्यकर्ता सफल रहे। हर वर्ग, पंथ, जाति, सभी राजनीतिक दल के लोगों का समर्थन मिला। इस दौरान झारखंड सहित पूरे देश के जनजाति समाज का उत्साह देखते ही बन रहा था। परंतु झारखंड के मुख्यमंत्री का कहना कि आदिवासी हिंदू नहीं थे और नहीं रहेंगे, गैर जिम्मेदाराना बयान है। ऐसे बयान से झारखंड में मतांतरण को बढ़ावा मिलेगा। किसी राजनीतिक नेतृत्व को ऐसा बयान देने से बचना चाहिए।

वे रविवार को रांची में अपने झारखंड प्रवास के अंतिम दिन पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मिलिंद परांडे ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद झारखंड सहित पूरे देश में चल रहे मतांतरण को रोकने के लिए प्रयास करेगी। झारखंड में भी जो धर्मांतरण विरोधी कानून पारित है, उस कानून के तहत गैरकानूनी गतिविधियों मे लगे लोगों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। इस मौके पर उपस्थित पद्मश्री मुकुंद नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया है, इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। राम और कृष्ण तो हमारे कण-कण में बसे हैं। राम मंदिर भारत में नहीं बनेगा तो कहां बनेगा।

मिलिंद परांडे ने कहा कि निधि समर्पण अभियान के माध्यम से पूरे देश की राष्ट्रीय एकता मजबूत हुई है अयोध्या में बनने वाला मंदिर राष्ट्र मंदिर होगा ऐसा इस अभियान के माध्यम से सिद्ध हो गया। इस अभियान में राम जी के प्रति उत्साह भक्ति देखने को मिल रहा था।

देश में सबसे ज्यादा नक्सली व कम्युनिस्ट हिंसा में हत्याएं हो रही है

परांडे ने कहा कि पूरे देश में नक्सली और कम्युनिस्ट हिंसा में सबसे ज्यादा हत्याएं हो रही है। इसे रोकने के लिए शौर्य दिखाने की जरूरत है। सरकार को भी शौर्य का परिचय देना होगा। उन्होंने कहा कि निधि समर्पण अभियान के बाद विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता जहां भी बांग्लादेशी घुसपैठ बढ़ रहे हैं उसे रोकने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही लव जिहाद को रोकने का काम करेंगी। लव जिहाद के कारण जमीन पर कब्जा कर सामाजिक संतुलन बिगाड़ने का काम चल रहा है।

झारखंड के 25000 गांव के 32 लाख परिवारों तक पहुंचने में हम सफल हुए

कहा कि निधि समर्पण अभियान के दौरान झारखंड के 25000 गांव के 32लाख परिवारों तक हम पहुंचने में सफल हुए। इस अभियान में  लाखों कार्यकर्ता लगे जो पहाड़ों के दुर्गम स्थल, बर्फीले क्षेत्र, रेगिस्तानी क्षेत्र सहित सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंचने का काम किया। सड़कों के किनारे बैठे भिक्षा मांगने वालों से लेकर अटालिका और गांव में रहने वाले लोगों तक पहुंचे। राजनीतिक, उद्योग, कला सहित अनेक सामाजिक जीवन में छोटे-बड़े कार्य करने वाले लोगों का भी श्रद्धा इस अभियान के साथ जुड़ा।

सरना धर्म कोड की मांग उचित नहीं

सरना धर्म कोड के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में.कहा कि यह उचित नहीं है। हिंदू तो जीवन शैली है। हिंदू उपासना पद्धति में प्रकृति की पूजा होती है। सभी हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा होती है। पीपल की पूजा, गोवर्धन पहाड़ की पूजा आदि सब प्रकृति की ही तो पूजा है। इसलिए जनगणना में जनजातियों के लिए अलग सरना धर्म कोड.की मांग सही नहीं है।