अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर त्रिपुरा में छात्रों और टीचर ने निकाला मार्च, जानें इस दिन से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर त्रिपुरा में छात्रों और टीचर ने निकाला मार्च

आज अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर त्रिपुरा में मार्च निकाला गया। इस दौरान कई कॉलेज स्कूल के टीचर और छात्र भी शामिल हुए। इस दिन को उद्देश्य है विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देना है।

अगरतला, एएनआइ। आज अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर त्रिपुरा में मार्च निकाला गया। इस दौरान कई कॉलेज, स्कूल के टीचर और छात्र भी शामिल हुए। यही नहीं इस दौरान कई शैक्षणिक संस्थानों ने हिस्सा लिया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देना है। बता दें कि भारतीय छात्र अगले सत्र से मातृभाषा में पढ़ाई कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शैक्षणिक सत्र 2021 सत्र से स्कूलों में पांचवी कक्षा तक अनिवार्य और राज्य चाहें तो आठवीं कक्षा तक अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करवा सकता है।

इसके साथ ही चुनिंदा आईआईटी और एनआईटी के छात्रों को अपनी मातृभाषा में बीटेक प्रोग्राम की पढ़ाई का  मौका पाएगा। खास बात यह है कि मेडिकल पढ़ाई भी मातृभाषा में करवाने की योजना बनाई जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशों के तहत मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई मातृभाषा में होगी। इसका लक्ष्य दूर-दराज के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले छात्र को आगे बढ़ाने के साथ उसके माध्यम से उस भाषा को पहचान दिलाना है। 

बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस प्रत्येक वर्ष 21 फरवरी को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इस साल के अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस समारोह का विषय "शिक्षा और समाज में समावेश के लिए बहुभाषावाद को बढ़ावा देना" है। गौरतलब है कि UNESCO ने नवंबर 1999 को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा मनाए जाने का फैसला किया था, तब से लेकर हर साल 21 फरवरी को इसे मनाया जाता है।