ट्विटर को केंद्र सरकार का नोटिस, किसानों व केंद्र से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्रियों को हटाने का आदेश

 

ट्विटर को केंद्र ने भेजा नोटिस, दिए ये आदेश

देश में जारी किसान आंदोलन के बीच ट्विटर पर आपत्तिजनक हैशटैग व सामग्रियों को हटाने का आदेश देते हुए माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर को केंद्र ने नोटिस भेजा है। इसमें कथित किसान नरसंहार (farmer genocide) से जुड़े अकाउंटों व कंटेंट को हटाने के आदेश दिए हैं।

 नई दिल्ली, एएनआइ। सरकार ने बुधवार को माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर को नोटिस जारी किया है जिसमें कथित 'किसान नरसंहार (farmer genocide)' से जुड़े अकाउंटों व कंटेंट को हटाने के आदेश दिए हैं। दरअसल,  किसान नरसंहार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के  हैशटैग के साथ ट्विटर पर सामग्री पोस्ट की जा रही थी जो देश में जारी किसानों के प्रदर्शन को और भड़का सकती है और लोगों में गलत सूचना फैल सकती है जो वास्तव में गलत है। 

दूसरी ओर आज किसानों के समर्थन में पॉप स्टार रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग जैसे अनेकों अंतरराष्ट्रीय सेलिब्रिटी ने भी ट्वीट किए। जिसपर सरकार ने कहा कि समर्थन के लिए हाथ बढ़ाने से पहले पूरे मामले की हकीकत और वास्तविकता जान लेनी चाहिए। रिहाना ने अपने ट्विटर पर किसान आंदोलन से जुड़ी खबर शेयर करते हुए लिखा कि हम इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे? वहीं, पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने कहा है कि हम भारत में किसानों के प्रदर्शन में एकजुटता से खड़े हैं।

बता दें कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने ट्विटर को करीब 250 ट्वीट्स / ट्विटर खातों को ब्लॉक करने का निर्देश दिया था। इन अकाउंट के जरिए  फर्जी, भड़काने वाले और उत्तेजक ट्वीटस पोस्ट किए जा रहे थे। मंत्रालय ने यह फैसला गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों की अपील के बाद लिया। इसमें कहा गया था कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान ये दिक्कतें पैदा कर रहे हैं और देश की सुरक्षा को इनसे खतरा है। किसान आंदोलन को लेकर इन अकाउंट्स से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर हैशटैग चलाया गया था।