रामानुजन कालेज ने रद किया बाबा फरीद से सिंघु बार्डर कार्यक्रम

 

आनलाइन कार्यक्रम में पंजाबी विद्रोही परंपरा के निर्माण की इतिहास यात्रा पर होनी थी बातचीत

आनलाइन कार्यक्रम में पंजाबी विद्रोही परंपरा के निर्माण की इतिहास यात्रा पर चर्चा होनी थी। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर इतिहासकार सुमेल सिंह सिद्धू शरीक होने वाले थे। लेकिन तय समय से 15 मिनट पहले कार्यक्रम रद कर दिया गया।

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से संबद्ध रामानुजन कालेज ने बाबा फरीद से सिंघु बार्डर कार्यक्रम आयोजित किया। आनलाइन कार्यक्रम में पंजाबी विद्रोही परंपरा के निर्माण की इतिहास यात्रा पर चर्चा होनी थी। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर इतिहासकार सुमेल सिंह सिद्धू शरीक होने वाले थे। लेकिन तय समय से 15 मिनट पहले कार्यक्रम रद कर दिया गया। इंटरनेट मीडिया में इसे लेकर अटकलों का दौर जारी है तो वहीं कालेज प्रशासन ने कहा है कि तकनीकी दिक्कतों के चलते कार्यक्रम रद किया गया।

यूट्यूब पर लाइव

रामानुजन कालेज में संस्कृति-इतिहास सोसायटी है। जो समय समय पर आनलाइन परिचर्चा आयोजित करती रहती है। इसी कड़ी में 11 फरवरी की शाम पांच बजे बाबा फरीद से सिंघु बार्डर कार्यक्रम तय था। जूम एप पर होने वाला यह कार्यक्रम कालेज के यूट्यूब चैनल पर भी प्रसारित होना था।

इस कारण रद हुआ कार्यक्रम

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास में पीएचडी सुमेल सिंह सिद्धू पंजाबी विद्रोही परंपरा के निर्माण की इतिहास यात्रा पर बोलना था। सुमेल सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट कर कालेज प्रशासन के आनलाइन कार्यक्रम के शीर्षक पर ऐतराज जताया। इसलिए कार्यक्रम रद कर दिया गया है।

तकनीकी खामी बनी वजह

कालेज प्राचार्य डॉ एस पी अग्रवाल ने कहा कि हम राजनीतिक बहस के केंद्र में नहीं आना चाहते। कार्यक्रम शुरू होने के पहले तकनीकी खामी पेश आयी, जिसकी वजह से रद करना पड़ा था। हम कार्यक्रम दोबारा करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इस बार कालेज के शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा।