बाला साहिब गुरुद्वारा में शुरू होगा देश का सबसे बड़ा डायलिसिस अस्पताल

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने तैयार किया, सात मार्च को उद्घाटन

किडनी डायलिसिस अस्पताल शुरू किया जा रहा है। यह बाला साहिब गुरुद्वारा में बन रहे अस्पताल का एक भाग होगा और इसका नाम बाबा हरबंस सिंह कारसेवा वाले के नाम पर रखा गया है। कमेटी का दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा डायलिसिस अस्पताल होगा।

नई दिल्ली। मरीजों को सस्ती दवा, जांच व इलाज उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) काम कर रही है। इसी कड़ी में किडनी डायलिसिस अस्पताल शुरू किया जा रहा है। यह बाला साहिब गुरुद्वारा में बन रहे अस्पताल का एक भाग होगा और इसका नाम बाबा हरबंस सिंह कारसेवा वाले के नाम पर रखा गया है। कमेटी का दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा डायलिसिस अस्पताल होगा। इसका उद्घाटन सात मार्च को किया जाएगा। गुरुद्वारा बंगला साहिब में एमआरआइ और सीटी स्कैन केंद्र भी शुरू किया जा रहा है।

प्रतिदिन पांच सौ मरीज करा सकेंगे डायलिसिस

डीएसजीपीसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि अस्पताल में किडनी के मरीजों का बेहतर इलाज की सुविधा होगी। डायलिसिस की एक सौ मशीनें लगाई गई हैं। प्रतिदिन पांच सौ लोगों का डायलिसिस हो सकेगा। बहुत कम कीमत पर मरीज डायलिसिस करा सकेंगे। गरीब मरीजों को मुफ्त सुविधा मिलेगी। इससे दिल्ली के साथ ही दूसरे शहरों से आने वाले किडनी के मरीजों को राहत मिलेगी। बगैर किसी भेदभाव के सभी मरीज इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

सस्ती एमआरआइ की सुविधा जल्द

इसी तरह से गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में गुरु हरिकिशन डिस्पेंसरी में एमआरआइ और सीटी स्कैन केंद्र का काम भी लगभग पूरा हो गया है। एमआरआइ व सीटी स्कैन की अत्याधुनिक मशीनें मंगवाई गई है। अन्य काम भी कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही इस केंद्र का भी उद्घाटन होगा। यहां पर लोग नाम मात्र का शुल्क लेकर एमआरआइ, सीटी स्कैन, एक्सरे और अन्य जांच की सुविधा मिलेगी। गुरुद्वारा बंगला साहिब व अन्य गुरुद्वारों में बाला प्रीतम दवाखाना खोले गए हैं जहां बाजार से 90 फीसद तक सस्ती दवा मिलती है।

अकाल तख्त के जत्थेदार ने की सराहना

पिछले दिनों श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह बाला साहिब अस्पताल व बंगला साहिब गुरुद्वारा में बन रही डिस्पेंसरी देखने गए थे। उन्होंने डीएसजीपीसी द्वारा मानवता की सेवा के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना की थी। उन्होंने अन्य गुरुद्वारा में भी मानवता को समर्पित इस तरह की सेवा शुरू करने की सलाह दी थी। बाला साहिब अस्पताल का नींव पत्थर वर्ष 2001 में रखा गया था। वर्षों से इसका काम रूका हुआ था। पिछले कई डीएसजीपीसी चुनाव में यह मुद्दा बनता रहा है। अब इसकी शुरुआत होने जा रही है।