प्रियंका गांधी वाड्रा होंगी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा, जोर से थाम ली पतवार

 

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा

कांग्रेस के कर्ताधर्ता बताते हैं कि प्रियंका गांधी वाड्रा विधानसभा चुनाव 2022 में उत्तर प्रदेश से कांग्रेस से मुख्यमंत्री का चेहरा होंगी। इसकी घोषणा संभवत सितंबर-अक्टूबर में हो। उससे पहले प्रियंका यूपी की नेता हिंदू नेता और आम नेता की छवि बनाना चाहती हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को ऑक्सीजन देने के महाअभियान में लगीं पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा होंगी। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की किसान रैली में बेहद सक्रिय होने के साथ वह पार्टी को 'सियासी भंवर' से निकालने प्रयागराज के संगम तक भी पहुंचीं। वहां पर संगम में तीन डुबकी लगाने के साथ कांग्रेस को पार लगाने के लिए हिंदुत्व की नई पतवार थाम ली है।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा इन दिनों उत्तर प्रदेश को मथने में लगी हैं। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन को धार देने के साथ दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों की मौत के बाद उनके घर जाकर सहानुभूति भी लेने के प्रयास में हैं। इसी बीच वह अचानक ही प्रयागराज पहुंची और मौनी अमावस्या पर संगम में तीन डुबकी लगाने के साथ ही नाव की पतवार भी संभाल ली।

प्रयागराज में संगम से अरैल घाट पर वापसी के दौरान नाव की पतवार संभालने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने का मन बना लिया है। जब से प्रियंका गांधी ने प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली है, वह हर मुद्दे पर नजर रखे हैं और सरकार से लगातार जूझ रही हैं।

कांग्रेस के कर्ताधर्ता बताते हैं कि प्रियंका गांधी वाड्रा विधानसभा चुनाव 2022 में उत्तर प्रदेश से कांग्रेस से मुख्यमंत्री का चेहरा होंगी। इसकी घोषणा संभवत: सितंबर-अक्टूबर में हो। उससे पहले प्रियंका यूपी की नेता, हिंदू नेता और आम नेता की छवि बनाना चाहती हैं। संगम में खुद नाव की पतवार संभालना और बीते दिनों रामपुर के रास्ते में खुद गाड़ी का शीशा पोंछने के पीछे वीआइपी छवि मिटाने की भी कोशिश है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को संभालने का काम तो पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव का पद पाने के बाद 2019 से ही शुरू कर दिया था। उस समय पार्टी ने लोकसभा में अपनी परंपरागत सीट अमेठी भले ही गंवा दी, लेकिन अब प्रदेश में कांग्रेस चर्चा का विषय है। प्रियंका अब 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गईं हैं। इतना ही नहीं पार्टी ने उनको उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री प्रत्याशी भी घोषित करने की योजना बना ली है। इसी रणनीति के तहत प्रियंका सभी जिलों में पुराने समर्थक और प्रबुद्धजनों से मिलेंगी।

मां गंगा से जो मांगा उसे दिल में रखूंगी : प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर में पत्रकारों से चर्चा में प्रियंका ने कहा कि मां गंगा से जो मांगा है, उसे दिल में रखूंगी। यहां पर मनकामेश्वर मंदिर में प्रियंका व साथ आए लोगों को भोजन कराने के लिए डायनिंग टेबल लगाई गई थी। प्रियंका व उनकी बेटी ने शंकराचार्य के पास जमीन पर बैठकर भोजन किया।

मोहित हटे, अभय को कांग्रेस सोशल मीडिया की कमान: उत्तर प्रदेश मिशन 2022 में जुटी कांग्रेस अब संगठन को भी पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखना चाहती है। राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा प्रदेश से लेकर निचले स्तर तक के पदाधिकारी की लगातार रिपोर्ट ले रही हैं। स्पष्ट संदेश है कि निष्क्रिय व परिणाम न देने वालों को पद पर न रखा जाए। इसी समीक्षा में कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मोहित पांडेय फेल साबित हुए। अब उनके स्थान पर राष्ट्रीय आइटी सेल में काम कर रहे जालौन के अभय पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। मोहित पांडेय को प्रियंका वाड्रा के निजी सचिव संदीप ङ्क्षसह का बेहद खास बताया जाता है। उन्हीं ने यह जिम्मेदारी भी दिलाई थी, लेकिन प्रभारी की उम्मीदों पर खरा न उतरने की वजह से उन्हें हटा दिया गया है।