कांग्रेस के एक और विधायक ने दिया इस्‍तीफा, कल से विधानसभा का विशेष सत्र

 

पुडुचेरी में सियासी संकट के बीच कांग्रेस के एक और विधायक ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है।

पुडुचेरी में सियासी संकट के बीच कांग्रेस के एक और विधायक ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक विधायक के. लक्ष्मीनारायणन ने पुदुचेरी विधानसभा के अध्यक्ष  वीपी शिवकोझुंडू को अपना त्याग पत्र सौंपा।

पुड्डूचेरी, एएनआइ। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुडुचेरी में सियासी संकट के बीच कांग्रेस के एक और विधायक ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक विधायक के. लक्ष्मीनारायणन ने पुदुचेरी विधानसभा के अध्यक्ष  वीपी शिवकोझुंडू  को अपना त्याग पत्र सौंपा।  

इससे पहले चार विधायक इस्तीफा दे चुके हैं जिसके चलते नारायणसामी की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं पुडुचेरी विधानसभा के सचिव आर मौनीसामी ने बताया कि 22 फरवरी से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि पुडुचेरी के उपराज्यपाल टी. सुंदरराजन ने बीते दिनों 22 फरवरी को विधानसभा में शक्ति-परीक्षण यानी फ्लोर टेस्ट आयोजित करने का आदेश दिया था।

उपराज्यपाल का कहना है कि एक सदस्य की अयोग्यता और विधानसभा के चार सदस्यों के इस्तीफे के बाद सत्ताधारी पार्टी की विधानसभा में ताकत घट गई है। विधायक के. लक्ष्मीनारायणनके इस्‍तीफे के बाद मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी के नेतृत्व वाले कांग्रेस गठबंधन के अब 13 विधायक हैं। वहीं एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले विपक्ष के पास भी 14 विधायक हैं। 

यही वजह है कि पुडुचेरी में शक्ति परीक्षण जरूरी हो गया है। पुडुचेरी में विपक्ष के नेता एन. रंगासामी ने उपराज्यपाल से मिलकर विधानसभा में दलीय स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद उपराज्यपाल ने शक्ति-परीक्षण यानी फ्लोर टेस्ट कराए जाने का निर्देश दिया है। एन. रंगासामी का कहना है कि मौजूदा सरकार अल्पमत में आ गई है और इसने अपनी वैधता खो दी है।

विपक्ष का कहना है कि मौजूदा सरकार को विधानसभा के पटल पर बहुमत साबित करने की जरूरत है। पुडुचेरी की उपराज्यपाल ने अपने आदेश में कहा है कि 22 फरवरी को विधानसभा सत्र के लिए एकल एजेंडा यह होगा कि मुख्यमंत्री सत्‍यापित करें कि उनको सदन का विश्वास मत हासिल है। जारी आदेश के मुताबिक सत्र की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

अब तक कुल पांच विधायकों के इस्तीफे के बाद 33 सदस्यों वाली विधानसभा में अब कांग्रेस के पास नौ विधायक हैं। उसके गठबंधन में डीएमके के तीन और एक निर्दलीय विधायक है। इस्तीफा देने वाले विधायकों में के. लक्ष्मीनारायणन, ए जॉन कुमार, मल्लदी कृष्ण राव, नमिचीवम और थिपिनदान हैं। ए नमस्सिवायम और ई थिपिनदान पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

गौरतलब है कि इस केंद्र शासित प्रदेश में इसी साल चुनाव भी होने हैं। बीते 18 फरवरी को पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। वहीं  भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के कुछ और विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्‍तीफा दे सकते हैं। भाजपा का यह भी दावा है कि नारायणसामी की सरकार विधानसभा में विश्वास मत साबित नहीं कर पाएगी।