अल्सर से बचाव में कारगर है अखरोट

 

अल्सर से बचाव में कारगर है अखरोट, पढ़ें- शोध में सामने आई बातें

जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री एंड न्यूट्रीशिन में प्रकाशित शोध के मुताबिक अखरोट का अर्क आंत में सुरक्षात्मक प्रोटीन और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रियाएं पैदा करने में सक्षम होता है जिसके चलते पाइलोरी संक्रमण से होने वाले बचाव में मदद मिलती है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। चूहों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि अगर आप अखरोट का सेवन करते हैं तो हेलीकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से बच सकते हैं। इस बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से दुनिया की आधी से अधिक आबादी प्रभावित है। पेट और छोटी आंत में अल्सर की एक बड़ी वजह हेलीकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण है। इतना ही नहीं पेट का कैंसर और पेप्टिक अल्सर की बीमारी भी इस संक्रमण के चलते होती है।

'जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री एंड न्यूट्रीशिन' में प्रकाशित शोध के मुताबिक अखरोट का अर्क आंत में सुरक्षात्मक प्रोटीन और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रियाएं पैदा करने में सक्षम होता है, जिसके चलते पाइलोरी संक्रमण से होने वाले बचाव में मदद मिलती है।

दक्षिण कोरिया स्थित सीएचए कैंसर प्रिवेंशन रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने कहा कि विकासशील देशों में पाइलोरी संक्रमण से पीडि़त लोगों का मिलना आम बात है। यह संक्रमण आमतौर पर सामाजिक-आर्थिक और स्वच्छता संबंधी परिस्थितियों से जुड़ा है। यह ना केवल इंसान से इंसानों में फैलता है बल्कि खाने और पानी के माध्यम से भी लोग इसकी चपेट में आते हैं। ऐसा नहीं है कि वर्तमान में इसकी कोई दवा नहीं है।

चिंताजनक बात यह है कि बैक्टीरिया पर अब एंटीबायोटिक दवाओं का असर बहुत सीमित हो गया है। चूंकि बैक्टीरिया पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं हो रहा है, इसलिए शोधकर्ता संक्रमण से निपटने के लिए नए तरीके खोज रहे हैं। विज्ञानियों ने कहा कि यह पहली बार नहीं है अखरोट खाने से चूहों में होने वाले गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है। इससे पहले 'कैंसर प्रिवेंशन रिसर्च' नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया था कि आहार में अखरोट को शामिल करने से कोलोन ट्यूमर के खतरे को कम किया जा सकता है। प्रेट्र