महबूबा ने प्रशासन पर लगाया एक बार फिर नजरबंद का आरोप, सुरक्षाबलों ने घर से बाहर निकलने से रोका

 

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को एक बार फिर प्रशासन पर उन्हें नजरबंद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह पुलवामा जाना चाहती थी लेकिन उन्हें घर से ही बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को एक बार फिर प्रशासन पर उन्हें नजरबंद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह पुलवामा जाना चाहती थी लेकिन उन्हें घर से ही बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

महबूबा मुफ्ती ने आज अपनी नजरबंदी का दावा किया है। उन्होंने कहा कि वह श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र होकरसर में एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए अतहर मुश्ताक के घर जाना चाहती थी। वह उसके परिजनों के साथ अपनी सांत्वना जताने जा रही थी। उसके पिता के खिलाफ भी पुलिस ने गैर कानूनी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर रखा है। मैं जैसे ही घर से बाहर निकलने लगी तो सुरक्षाकर्मियों ने मुझे रोक लिया। मेरे निवास के मुख्य गेट को बाहर से बंद किया गया है और मुझे कहा जा रहा है कि मैं बाहर नहीं निकल सकती।

पीडीपी की अध्यक्षा ने कहा कि एक तरफ भारत सरकार कश्मीर के हालात सामान्य बताने के लिए यूरोपीय संघ के प्रतिनिधयों को कश्मीर की सैर पर ला रही है और दूसरी तरफ हमें किसी के साथ सांत्वना जताने से रोका जा रहा है। क्या सही सामान्य स्थिति है जो भारत सरकार दुनिया काे बताना चाहती है।

गौरतलब है कि गत 27 नवंबर 2020 को 14 महीनों तक हिरासत में रहने के उपरांत रिहा होने वाली महूबबा मुप्ती ने दावा किया था कि उन्हें फिर से नजरबंद कर लिया गया है। तो वहीं कश्मीर जोन पुलिस ने इस संदर्भ ट्वीट कर बताया था कि महबूबा मुफ्ती को घर में नजरबंद नहीं किया गया है बल्कि सुरक्षा कारणों के चलते उनसे पुलवामा के दौरे को रद्द करने की अपील की गई थी।