आधा दर्जन कालेज शिक्षकों ने हाजिरी से किया किनारा

डीयू शिक्षकों ने कहा- सुविधाएं मुहैया कराए जाने तक घर से ही पढ़ाएंगे

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) भले ही खुल गया है लेकिन हाजिर पर बवाल मचा हुआ है। डीयू के छह कालेजों के शिक्षकों ने कालेज आकर हाजिरी लगाने से इंकार कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि कालेज में सैनिटाइजेशन सफाई सरीखी समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।

 संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) भले ही खुल गया है लेकिन हाजिर पर बवाल मचा हुआ है। डीयू के छह कालेजों के शिक्षकों ने कालेज आकर हाजिरी लगाने से इंकार कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि कालेज में सैनिटाइजेशन, सफाई सरीखी समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।

शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं हो पा रहा है। लिहाजा, वो घर से ही छात्रों की आनलाइन कक्षाएं लेंगे। वहीं कई कालेजों ने रजिस्टर पर शिक्षकों के हस्ताक्षर को ही उपस्थिति का प्रमाण मानने की बात कही है। डीयू शिक्षक संघ (डूटा) ने शिक्षकों को हस्ताक्षर नहीं करने के लिए कहा है।

कोविड-19 प्रोटोकाल पालन नहीं 

राजमस कालेज, दयाल सिंह कालेज, जाकिर हुसैन कालेज, अरबिंदो कालेज समेत अन्य कालेजों के शिक्षक संगठनों ने आनलाइन बैठक की। जिसमें तय हुआ कि जब तक कालेज में सुविधाएं नहीं दी जाती, शिक्षक घर से ही पढ़ाएंगे। शिक्षकों ने बताया कि कक्षाएं दस महीने से बंद है। कमरों में धूल जमी हैं। स्टाफ रुम में भला कितने शिक्षक एक साथ आनलाइन कक्षाएं लेंगे। शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं हो पा रहा। कई कालेजों में तो सैनिटाइजेशन तक नहीं हुआ है। इंटरनेट की समस्या से तो लगभग सभी कालेज दो चार हो रहे हैं।

डीयू के विभिन्न कालेजों के शिक्षक गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत एनसीआर में रहते हैं। किसान प्रदर्शन के चलते इन्हें कालेज पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दयाल सिंह कालेज में राजनीति विज्ञान के प्रो प्रकाश पटेल ने बताया कि वो वैशाली, गाजियाबाद में रहते हैं। विगत दो महीने से किसान प्रदर्शन के चलते मार्ग बंद है। कालेज पहुंचने में चार घंटे से ज्यादा समय लग जाता है।

शिक्षकों की चिंताएं 

  • डीयू का नोटिस शिक्षकों के कालेज आने को लेकर स्पष्ट नहीं।
  • कालेजों में इंटरनेट की स्थिति बहुत खराब है। शिक्षक आनलाइन पढ़ा नहीं पा रहे।
  • कई कालेजों में क्लासरुम या तो खुले नहीं या फिर कमरे में धूल जमी है।
  • स्टाफ रुम में शारीरिक दूरी का पालन नहीं।
  • बार्डर एरिया से शिक्षकों का आना मुश्किल।

शिक्षकों ने दिए सुझाव 

  • इंटरनेट की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
  • कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन किया जाए।
  • 50 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों को पहले कोरोना का टीका लगवाया जाए।
  • जब तक छात्र कालेज ना आए, शिक्षकों को घर से पढ़ाने की अनुमति मिले।

हस्ताक्षर ना करें 

डूटा अध्यक्ष राजिब रे कहा है कि कई कालेज शिक्षकों से रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा रहे हैं। शिक्षक छात्रों की आनलाइन कक्षाएं ले रहा है, यही उसकी उपस्थिति का सबसे बड़ा प्रमाण है। ऐसे में जब तक डीयू नोटिस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। कोई भी शिक्षक रजिस्टर पर हस्ताक्षर ना करे।