गाजियाबाद में 10 मई तक लागू रहेगी धारा-144, डीएम ने जारी किए दिशानिर्देश


कंटेनमेंट जोन में त्यौहार से संबंधित कार्यक्रम की अनुमति नहीं

गाजियाबाद में 10 मई तक धारा-144 लागू रहेगी। सिनेमाघरों शॉपिंग मॉल्स शैक्षिक संस्थानों होटल संचालकों सहित अन्य को संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

गाजियाबाद। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए एहतियात के तौर पर गाजियाबाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए धारा-144 अब 15 मार्च से बढ़ाकर 10 मई 2021 तक के लिए लागू कर दी गई है। सिनेमाघरों, शॉपिंग मॉल्स, शैक्षिक संस्थानों, होटल संचालकों सहित अन्य को संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा है कि मास्क पहनना लोगों के लिए आवश्यक है, बिना मास्क पहने अगर दुकान पर सामान लेने गए तो दुकानदार ग्राहक को सामान न दें। उनको वापस लौटा दें सामान न दें। इस बीच होली है, होली के पर्व के अवसर पर भी संक्रमण से बचाव के लिए कदम उठाने होंगे।

ये हैं दिशानिर्देश

  • शैक्षिक संस्थानों, शॉपिंग मॉल्स, मल्टीप्लेक्स सहित अन्य स्थानों पर बिना मास्क प्रवेश पर रोक
  • बंद स्थान हॉल या कमरे में 200 से ज्यादा लोगों के एक स्थान पर इकट्ठा होने पर रोक
  • सिनेमाघरों में अलग अलग शो में इंटरवल एक साथ होने पर रोक
  • दुकानदारों को मास्क और दस्ताने का उपयोग करना अनिवार्य
  • किसी भी मिठाई की दुकान पर ग्राहक को बैठकर खाने की अनुमति नहीं
  • बिना अनुमति के सामूहिक गतिविधियों के आयोजन पर रोक
  • चौराहों या सड़क पर मूर्ति या ताजिया रखने पर रोक
  • कंटेनमेंट जोन में त्यौहार से संबंधित कार्यक्रम की अनुमति नहीं
  • दो पहिया वाहन चालकों को मास्क पहनना अनिवार्य
  • टैक्सी या कैब में बिना मास्क पहने यात्रा करने पर रोक
  • दस वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति बहुत जरूरी न हो तो घर पर ही रहें।
  • सभी धार्मिक स्थल पर कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने कहा कि जनपदवासियों से अपील है कि वे कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देश का पालन करें। मास्क पहनें और समय-समय पर हाथों को सैनिटाइज करें। बता दें कि जिले में कोरोना के मामले पहले की संख्या में अब कुछ बढ़ रहे हैं। ऐसे में सावधानी ही बचाव है।