अदालत ने लश्कर के आतंकी को 10 साल जेल की सजा सुनाई, भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप

 

लश्कर के आतंकी को 10 साल जेल की सजा।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकवादी को दिल्ली सहित भारत में विभिन्न स्थानों पर आतंकवादी हमलों की साजिश रचने के आरोप में 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। वह जम्मू-कश्मीर में सीमा पार करके भारत में घुसा था।

नई दिल्ली, पीटीआइ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकवादी को दिल्ली सहित भारत में विभिन्न स्थानों पर आतंकवादी हमलों की साजिश रचने के आरोप में 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। वह जम्मू-कश्मीर में सीमा पार करके भारत में घुसा था। एक अधिकारी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी बहादुर अली को शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में एनआइए मामलों के विशेष न्यायाधीश ने आइपीसी, यूए (पी) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया।

अदालत ने उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया। एनआइए अधिकारी के अनुसार, जुलाई 2016 में यह मामला दर्ज हुआ था, जो पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी संगठन,लश्कर द्वारा रची गई एक बड़ी साजिश से जुड़ा है। साजिश के तहत, अली ने अपने दो सहयोगी लश्कर के प्रशिक्षित आतंकवादी अबू साद और अबू दर्दा के साथ मिलकर दिल्ली सहित भारत के विभिन्न स्थानों पर आतंकवादी हमले करने के इरादे से जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से घुसपैठ की थी।

अधिकारी के अनुसार अली को कुपवाड़ा से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से एके -47 राइफल, अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (यूबीजीएल), गोला-बारूद, हैंड ग्रेनेड, यूबीजीएल गोले, सैन्य मानचित्र, वायरलेस सेट, जीपीएस, कंपास, भारतीय मुद्रा, नकली भारतीय मुद्रा उसके पास से नोट जब्त किए गए थे। जांच के दौरान अली ने लश्कर के प्रशिक्षण शिविरों, हथियार और विस्फोटक को लेकर आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने समेत अन्य कई खुलासे किए थे।

अधिकारी के अनुासर एनआईए ने जनवरी 2017 में अली के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। बाद में, कुपवाड़ा में फरवरी 2017 में  लश्कर के दो अन्य आतंकवादी साद और दर्दा को मुठभेड़ में मार गिराया गया था। जांच के दौरान अली के सहयोगी जहूर अहमद पीर और नजीर अहमद पीर को भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों जम्मू और कश्मीर के रहने वाले हैं।