जहां लोगों का वजन ज्यादा, वहां कोविड-19 मृत्यु दर 10 गुना

 

अमेरिका की तीन चौथाई आबादी ऐसी है जिसका या तो वजन अधिक है अथवा मोटापे की शिकार है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन देशों की बड़ी आबादी मोटापे का शिकार थी वहां कोविड-19 मृत्युदर ज्यादा रही। यहां तक कि संबंधित देशों की आर्थिक स्थिति और उम्र जैसे पहलुओं पर गौर करने के बावजूद इस निष्कर्ष में कोई फर्क नहीं पड़ा।

नई दिल्‍ली। जिन देशों की आधी से ज्यादा आबादी का वजन ज्यादा है, वहां कोविड-19 से मौत का खतरा 10 गुना हो जाता है। वल्र्ड ओबेसिटी फोरम की तरफ से बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह निष्कर्ष विज्ञानियों ने जॉन हॉपकिंस यूनिर्विसटी और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से प्राप्त कोविड-19 मृत्युदर के आंकड़ों के विश्लेषण से निकाला है।

22 लाख लोगों की मौत: विज्ञानियों ने फरवरी 2021 तक हुई 25 लाख मौतों का विश्लेषण किया। जिन-जिन देशों में मौतें हुईं, उन्हें दो वर्गों में बांटा। एक वर्ग जहां आबादी के 50 फीसद से ज्यादा हिस्सा अधिक वजन (ओवरवेट) का शिकार था, वहीं दूसरा जहां ऐसे लोगों का प्रतिशत आधे से कम था। इस दौरान पाया गया कि 22 लाख मौतें उन देशों में हुईं, जहां की आधी से ज्यादा आबादी मोटापे अथवा अधिक वजन की शिकार थी। उदाहरण के लिए, अमेरिका की तीन चौथाई आबादी ऐसी है जिसका या तो वजन अधिक है अथवा मोटापे की शिकार है।

ऐसे प्रभावित हुई मृत्युदर: रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन देशों की 40 फीसद से कम आबादी का वजन अधिक रहा, वहां कोविड-19 मृत्युदर एक लाख पर 10 रही। इसके विपरीत जिनकी 50 फीसद से अधिक आबादी का वजन अधिक रहा, वहां कोविड-19 मृत्युदर एक लाख पर 100 की रही। यही नहीं उन देशों में वायरल इंफेक्शन, एच1एन1, फ्लू व सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी ज्यादा रहा। 160 से ज्यादा देशों के आंकड़े अध्ययन के दौरान 160 से ज्यादा देशों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन देशों की बड़ी आबादी मोटापे का शिकार थी वहां कोविड-19 मृत्युदर ज्यादा रही। यहां तक कि संबंधित देशों की आर्थिक स्थिति और उम्र जैसे पहलुओं पर गौर करने के बावजूद इस निष्कर्ष में कोई फर्क नहीं पड़ा।