कोविड-19 वैक्सीन के आने से लापरवाह हो गए हैं लोग, घूमने लगे हैं बगैर मास्क - BJP सांसद हेमा मालिनी

 

Parliament Budget Session Live: कोविड-19 वैक्सीन पर किसी को नहीं हो संदेह
संसद के बजट सत्र का दूसरा सत्र जारी है। बीते दिन लोकसभा में फोन टैपिंग का मामला गूंजा था। आज लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्द्धन ने कोविड-19 वैक्सीन पर किसी तरह के संदेह की बात खारिज करते हुए लोगों से वैक्सीन की खुराक लेने की अपील की।

नई दिल्ली, एएनआइ। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण जारी है। शुक्रवार को सत्र का चौथा दिन है। आज संंसद में कोविड-19 वैक्सीन व कोरोना वायरस संक्रमण के मुद्दे पर सांसदों ने अपने विचार रखे। लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  डॉक्टर हर्षवर्द्धन  ने कोविड-19 वैक्सीन पर किसी तरह के संदेह की बात खारिज करते हुए लोगों से वैक्सीन की खुराक लेने की अपील की। वहीं भाजपा सांसद हेमामालिनी ने वैक्सीनेशन के बाद लोगों में लापरवाही का जिक्र किया। दरअसल स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'किसी के मन में कोविड-19 वैक्सीन को लेकर संदेह नहीं होनी चाहिए। मैं वैक्सीन शॉट लेने का सबसे आग्रह करता हूं।'

ये हैं आज के अपडेट्स-

- भाजपा सांसद नारायण राणे ने महाराष्ट्र सरकार के काम करने के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र सरकार उचित तरीके से काम नहीं कर रही है। खराब कानून व्यवस्था व भ्रष्टाचार के कारण मैंने गृहमंत्री अमित शाह को लिखा है और वहां के मुख्यमंत्री केे इस्तीफे की मांग के साथ वहां राष्ट्रपति शासन लगाने को कहा है।'

- केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा, 'लगभग 4 करोड़ कोरोना वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। इसको बढ़ाने की ज़रूरत है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत है। जहां कोरोना बढ़ रहा है, वहां राज्य सरकारों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।'

-भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा, 'मेरा मानना है कि वैक्सीनेशन की शुरुआत के बाद लोग लापरवाह हो गए हैं। उन्हें लगता है कि अब वे बगैर मास्क रह सकते हैं लेकिन अभी भी उन्हें सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। मैं इस बात के लिए निश्चिंत हूं कि सरकार हालात पर काबू पा लेगी।' 

- राज्यसभा में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रेलवे के निजीकरण पर सवाल किया।

- भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक सवाल का रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल के किसी कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का रेलवे में एक विशेष प्रावधान है। कोविड महामारी के दौरान रेलवे के कर्मचारियों की सभी ने सराहना की और मैंने खुद सदन में इसका उल्लेख किया है। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि निजीकरण में संपत्ति पर रेलवे का अधिकार नहीं रहता है जबकि एसेट मोनेटाइजेशन में मालिकाना हक हमारे पास ही रहता है, इसलिए रेलवे के बुनियादी ढांचे का निजीकरण नहीं किया जा रहा है।

- लोकसभा में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक-2021 पर चर्चा की गई।

बीमा संशोधन विधेयक 2021 में त्रुटियां: खड़गे 

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कल से ही बीमा संशोधन विधेयक 2021 के खिलाफ हैं। उन्होंने आज कहा,  'बीमा संशोधन विधेयक 2021 में त्रुटियां है, इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजना चाहिए। इसमें यहां की कंपनियों को जो FDI मिलेगा उसपर धीरे-धीरे विदेशी कंपनियों को स्वामित्व देने और नियंत्रण देने का प्रावधान किया गया हैै।  यदि FDI आती है, तो वे मोदी जी द्वारा लाए गए वेस्ट इंडिया कंपनी बन जाएंगे जिससे गुजरात के लोगों को मदद मिलेगी।'  बीमा संशोधन विधेयक 2021 पर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा के दौरान खड़गे ने इसका जोरदार विरोध किया था। उनका कहना था कि सरकार पहले ही बीमा क्षेत्र में एफडीआई को बढ़ाकर 49 फीसद कर चुकी है और अब यह सीमा 74 फीसद की जा रही है। दरअसल गुरुवार को राज्यसभा ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसद  से बढ़ा कर 74 फीसद करने के प्रावधान वाले बीमा (संशोधन) विधेयक, 2021 को  मंजूरी दे दी।

फोन टैपिंग का मामला 

बीते दिन लोकसभा में जिस फोन टैपिंग का मामला गूंजा था आज राज्यसभा में इसपर हंगामे की संभावना है। इस क्रम में  राज्य सरकारों द्वारा फोन टैपिंग के बढ़ते मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद भूपेंद्र यादव ने आज राज्यसभा में जीरो आवर नोटिस दिया। वहीं ईंधन की बढ़ी कीमतों के कारण गरीब परिवार पुराने पारंपरिक ईंधन व्यवस्था अपनाने को मजबूर हो गए हैं, इसके मद्देनजर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह  ने राज्यसभा में जीरो आवर नोटिस दिया है। 

देश में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों का हवाला देते हुए कोविड-19 वैक्सीनेशन की एक समान आवश्यकता के मामले पर TMC सांसद सौगत राय  ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।  बता दें कि इस सत्र के शुरुआती दो दिन कामकाज सामान्य तौर पर जारी रहा और कई महत्वपूर्ण बिल सदन में पेश किए गए। आज भी दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाने की संभावना है।