विवाद से विश्वास योजना' 31 मार्च तक, छत्तीसगढ़ को मिलेंगे 10 हजार करोड़ रुपये

 

छत्तीसगढ़ में इस योजना का फायदा लेने अब तक 36 सौ से ज्यादा आवेदन आ चुके

आयकर विभाग का कहना है कि यह योजना पूरी तरह से करदाताओं के फायदे के लिए है और उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए। इस योजना का उद्देश्य ही है कि टैक्स से जुड़े पुराने मामलों को निपटाया जाए और इसका पूरा फायदा करदाताओं को हो।

रायपुर। आयकर विभाग द्वारा आयकर के पुराने मामलों को सुलझाने के लिए चलाई जा रही 'विवाद से विश्वास योजना' 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। अब आयकर से जुड़े पुराने मामलों को 31 मार्च तक सुलझाया जा सकता है। 31 मार्च तक भुगतान भी करना है। आयकर अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के जरिए छत्तीसगढ़ को 10 हजार करोड़ रुपये का टैक्स मिलने की उम्मीद है। अभी तक छत्तीसगढ़ में इस योजना का फायदा लेने के लिए 36 सौ से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं।

आयकर विभाग का कहना है कि यह योजना पूरी तरह से करदाताओं के फायदे के लिए है और उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए। इस योजना का उद्देश्य ही है कि टैक्स से जुड़े पुराने मामलों को निपटाया जाए और इसका पूरा फायदा करदाताओं को हो।

योजना से यह होगा फायदा

विवाद से विश्वास योजना में सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि करदाता अपने सालों पुराने टैक्स मामले को निपटा सकते हैं। योजना के तहत उन्हें किसी भी प्रकार का जुर्माना व ब्याज नहीं लगेगा। साथ ही केवल टैक्स पटाकर करदाता लंबित मामला निपटा सकते हैं।

कोरोना के चलते बढ़ाई गई तारीख

बीते साल से चल रहे कोरोना प्रभाव के चलते विवाद से विश्वास योजना की तारीख बढ़ाई गई है। पहले विवाद से विश्वास योजना की तारीख 31 दिसंबर तक थी। इसे बढ़ाकर 28 फरवरी किया गया और अब फिर इसे बढ़ाकर 31 मार्च किया गया है। कर विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना में करदाताओं का ही फायदा होना है।

कोरोना के बाद भी 10 फीसद बढ़े करदाता

कोरोना प्रभाव के बाद भी वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदेश के करदाताओं की संख्या में 10 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रदेश में करदाताओं की संख्या 10 लाख 65 हजार थी, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 में बढ़कर साढ़े 11 लाख तक पहुंच गई। कर विशेषज्ञों का कहना है कि अब करदाता टैक्स पटाने के मामले में ज्यादा जागरूक होते जा रहे हैं।