अफगानिस्तान में हिंसा की वारदातों में जबर्दस्त तेजी, एक दिन में 32 लोगों की मौत

 

शांति बहाली के लिए रूस और तुर्की की बैठक में भाग लेगा हिंसाग्रस्त देश अफगानिस्तान।

शांति बहाल करने के लिए तुर्की के इस्तांबुल में अगले महीने होने जा रही बैठक के लिए अफगानिस्तान व्यापक योजना तैयार कर रहा है। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र के साथ ही भारत अमेरिका रूस ईरान पाकिस्तान और चीन भी भाग लेंगे।

काबुल, एजेंसियां। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के प्रयासों के तेज होने के बाद भी अफगानिस्तान में हिंसा की वारदातों में जबर्दस्त तेजी आ गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान 32 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, इन घटनाओं में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। इधर अफगानिस्तान ने कहा है कि वह रूस और तुर्की में शांति के लिए होने वाली बैठक में भाग लेगा।अफगान सरकार तुर्की में होने वाली बैठक में व्यापक योजना लाने की तैयारी कर रहा है।

अफगानिस्तान में ताजा वारदातों में उरुजगन प्रांत में एक मिनी बस पर बम से हमला किया गया। हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गये। हेरात में एक कार में बम विस्फोट हुआ, इसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। 54 लोग घायल हुए हैं। जाबुल में रिहाइशी इलाके में मोर्टार से हमले में पांच नागरिकों की मौत हो गई। इनमें महिला व बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कई वारदातों में भी निशाना बनाकर नागरिकों की हत्या की गई। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार 24 घंटों में 32 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्लाह मोहेब ने कहा है कि वे संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में तुर्की और रूस में होने जा रही बैठक में भाग लेगा। पत्रकार वार्ता में मोहेब ने कहा कि अफगानिस्तान इसके लिए अपने प्रतिनिधि नियुक्त कर रहा है।18 मार्च को रूस में होने जा रही बैठक में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और शांति वार्ता के लिए नियुक्त विशेष दूत अब्दुल्ला अब्दुल्ला के साथ तालिबान के शीर्ष प्रतिनिधि भाग लेंगे। तुर्की के इस्तांबुल में अगले महीने होने जा रही बैठक के लिए अफगानिस्तान व्यापक योजना तैयार कर रहा है। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र के साथ ही भारत, अमेरिका, रूस, ईरान, पाकिस्तान और चीन भी भाग लेंगे।

अमेरिकी फौज की वापसी के बाद हालात संभाल लेंगे

अफगानिस्तान के गृह मंत्री मसूद अंदराबी ने कहा है कि अमेरिकी सेना की वापसी के बाद देश का सुरक्षा बल हालात संभालने के लिए सक्षम है। साथ ही यह भी कहा कि देश के अंदरूनी क्षेत्रों में चेकपोस्ट की सुरक्षा में ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।