ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील के कोरोना वैरिएंट के देश में मिले 400 केस, डरा रहे संक्रमण के ये आंकड़े

 


ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए गए कोरोना वैरिएंट ने देश में 400 लोगों को संक्रमित किया है।

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच एक और खबर परेशान करने वाली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए गई कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ने देश में 400 लोगों को संक्रमित किया है।

नई दिल्ली, आइएएनएस। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच एक और खबर परेशान करने वाली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए गए कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ने देश में 400 लोगों को संक्रमित किया है। सनद रहे कि बीते चार मार्च तक देश में कोरोना के इन वैरिएंट्स से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 242 था लेकिन बीते दो हफ्तों में ही इनमें तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के साथ शीर्ष 10 प्रयोगशाला के का एक जीनोमिक संघ कोविड पॉजिटिव यात्रियों के नमूनों की जीनोमिक सिक्‍वेंस की जांच के लिए स्थापित किया गया है। कोरोना की नई स्‍ट्रेन के मामलों में तेजी ऐसे वक्‍त में सामने आई है जब महाराष्‍ट्र में संक्रमितों की संख्‍या में भारी बढ़ोतरी हुई है। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना से 172 लोगों की मौत के साथ जान गंवाने वालों की संख्या 1,59,216 हो गई है।

यदि आंकड़ों के लिहाज से देखें तो देश में रोजाना जितने मामले सामने आ रहे हैं उनमें अकेले महाराष्‍ट्र से 63 फीसद केस शामिल हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की मानें तो देश में गुरुवार को कोरोना के 35,871 नए मामले सामने आए जो 102 दिनों में एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमितों का आंकड़ा 1,14,74,605 पर पहुंच गया है। इससे पहले छह दिसंबर को कोरोना संक्रमण के 36,011 नए मामले सामने आए थे।

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक कोरोना महामारी से महाराष्ट्र में 53,080, तमिलनाडु में 12,564, कर्नाटक में 12,407, दिल्ली में 10,948, पश्चिम बंगाल में 10,298, उत्तर प्रदेश में 8,751 और आंध्र प्रदेश में 7,186 लोगों की मौत हुई है। देश में कोविड जांच का काम भी तेजी से चल रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक 17 मार्च तक 23,03,13,163 नमूनों की जांच की जा चुकी है।