तंजानिया के दिवंगत राष्ट्रपति जॉन मगुफुली की शोक सभा में भगदड़, 45 लोगों की गई जान


पूर्वी अफ्रीकी तंजानिया के दिवंगत राष्ट्रपति जॉन मगुफुली की शोक सभा में भगदड़, 45 लोगों की गई जान


गभग 12-13 दिन पहले अंतिम सांस लिए मगुफुली का निकनेम बुलडोजर था। उन्‍हें ये नाम उनकी नीतियों की वजह से मिला था। उनके निधन की जानकारी उपराष्‍ट्रपति सामिया सुलुहू हासन ने दी थी। वहीं उनकी मृत्यु के कुछ दिनों के भीतर सामिया हसन को राष्ट्रपति बना दिया गया।

दार-ए-सलाम, आइएएनएस। पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया के दिवंगत राष्ट्रपति जॉन मगुफुली की शोक सभा में भगदड़ मच जाने से कई दर्जन लोगों की मरने की सूचना है। बताया गया कि वाणिज्यिक राजधानी दार-ए-सलाम स्थित एक स्टेडियम में यह भगदड़ मची। लोकल मीडिया ने रिपोर्ट किया कि तमाम लोग स्टेडियम में पिछले दिनों अंतिम सांस लिए राष्‍ट्रपति जॉन पॉम्‍बे को याद करने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान मची भगदड़ में 45 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। 

निकनेम था बुलडोजर 

लगभग 12-13 दिन पहले अंतिम सांस लिए मगुफुली का निकनेम बुलडोजर था। उन्‍हें ये नाम उनकी नीतियों की वजह से मिला था। उनके निधन की जानकारी उपराष्‍ट्रपति सामिया सुलुहू हासन ने दी थी। वहीं, उनकी मृत्यु के कुछ दिनों के भीतर सामिया हसन को राष्ट्रपति बना दिया गया। सामिया सुलुहू हसन पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थी। उन्हें मुख्य न्यायाधीश इब्राहिम जुमावोइंग ने दार-ए-सलाम में सरकारी कार्यालय स्टेट हाउस में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। 

मृत्यु कैसे हुई?

सामिया हसन ने जानकारी देते हुए बताया था कि मगुफुली का निधन हार्ट अटैक से हुआ, जबकि बेल्जियम में निर्वासित जीवन गुजार रहे विपक्ष के नेता टुंडू लिसू ने राष्ट्रपति की मौत की वजह कोरोना को बताया है। बता दें कि मगुफुली ने कोरोना को तंजानिया के लिए समस्या मानने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय प्रार्थना ने देश से कोरोना को खत्म कर दिया है। निधन से एक हफ्ते उन्होंने माना था कि कोरोना देश के लिए गंभीर खतरा है।