एनटीपीसी निगम की 600 इमारतों को सौर ऊर्जा से करेगा जगमग

 

सोलर एनर्जी से बनी बिजली का इस्तेमाल करने से पैसे की बचत होगी।

निगम अपनी सभी इमारतों को सौर ऊर्जा से युक्त करने के साथ 100 एकड़ जमीन पर सौर ऊर्जा से बिजली बनाएगा। इसके लिए दक्षिणी निगम ने नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) की एनवीएनएल के सीईओ मोहित भार्गव के साथ करार किया है।

नई दिल्ली, संवाददाता। दिल्ली अब बढ़ते प्रदूषण से मुक्ति पाने और रिन्यूवल एनर्जी की ओर तेजी कदम बढ़ा रहा है। निगम अपनी सभी इमारतों को सौर ऊर्जा से युक्त करने के साथ 100 एकड़ जमीन पर सौर ऊर्जा से बिजली बनाएगा। इसके लिए दक्षिणी निगम ने नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) की एनवीएनएल के सीईओ मोहित भार्गव के साथ करार किया है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता, दक्षिणी निगम की महापौर अनामिका और निगमायुक्त ज्ञानेश भारती की उपस्थिति में इसके लिए समझौता हो गया है। समझौते के तहत एनटीपीसी निगम की 600 इमारतों को सौर ऊर्जा से युक्त करेगा, साथ ही नजफगढ़ में 100 एकड़ जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में भी मदद करेगा। 100 एकड़ जमीन से 25 मेगावाट बिजली उत्पादन की उम्मीद है। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद दक्षिणी निगम कुशल वित्तीय प्रबंधन कर सभी योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कर रहा है।

दिल्ली में पार्किंग की समस्या के निदान के लिए निजामुद्दीन बस्ती में बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण से निश्चित रूप से नागरिकों की समस्याओं का समाधान होगा। निगमायुक्त ज्ञानेश भारती ने कहा कि वित्तीय संकट के बाद भी 40 लाख मरीजों का उपचार निगम की स्वास्थ्य इकाइयों में किया गया है। 19 स्वास्थ्य इकाइयो एवं टीकाकरण केंद्र में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

तीसरी स्वचालित पार्किंग का हुआ शिलान्यास

ग्रीन पार्क और लाजपत नगर के बाद निगम ने निजामुद्दीन बस्ती में तीसरी स्वचालित पार्किग परियोजना का शिलान्यास कर दिया है। यह पार्किंग पजल तकनीक से बनाई जाएगी। इस परियोजना में 15.76 करोड़ रुपये का खर्चा होगा। इसमें 86 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। इसमें एक भूतल समेत पांच मंजिल होगी। पार्किग से गाड़ी निकासी में मात्र 150 सेकेंड का ही समय लगेगा। दरियागंज से पार्षद यास्मीन किदवई ने महापौर अनामिका पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। 19 मार्च को वचरुअल कार्यक्रम करना यह स्थानीय और विपक्षी पार्षद की उपेक्षा है।

वहीं, उत्तरी निगम में विशिष्ट संपत्ति पहचान कोड (यूपिक) कार्ड जारी करने की योजना पर सवाल खड़े किए गए हैं। पार्षदों ने सवाल उठाए हैं कि 12 लाख संपत्तिकरदाताओं को जोड़ने के लिए यह यूपिक कार्ड जारी किए गए थे, जबकि वर्ष 2020-21 में केवल पांच हजार नए संपत्तिकर दाता ही जोड़े गए हैं। इसमें से 1200 संपत्तिकर दाता व्यावसायिक संपत्ति के मालिक हैं तो वहीं 3800 संपत्ति कर दाता रिहायशी हैं। नेता सदन योगेश वर्मा ने कहा कि कई संपत्तिकर दाताओं को गलत राशि के नोटिस भेजे गए हैं। आप से मनोनीत पार्षद विक्की गुप्ता ने कहा कि इस योजना को ठीक से लागू नहीं किया गया। 2017-18 की आडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि 32 करोड़ की योजना के लिए 24 करोड़ का भुगतान कर दिया गया।