राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे अपने जन्मदिन से शुरू करेंगी धार्मिक यात्रा, 900 वाहनों का होगा काफिला

 

वसुंधरा राजे अपने जन्मदिन से शुरू करेंगी धार्मिक यात्रा, 900 वाहनों का होगा काफिला। फाइल फोटो

वसुंधरा राजे आठ मार्च से धार्मिक यात्रा शुरू करने जा रही हैं। इस दिन उनका जन्मदिन और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। यह यात्रा राज्य के कृष्णा मंदिरों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा की तैयारी जोरों पर है।

जयपुर, आइएएनएस।  राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे आठ मार्च से धार्मिक यात्रा शुरू करने जा रही हैं। इस दिन उनका जन्मदिन और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। यह यात्रा राज्य के कृष्णा मंदिरों से होकर गुजरेगी। इससे पहले रविवार को वसुंधरा राजे ने शहर के गोविंद देव मंदिर और काले हनुमान मंदिर में प्रार्थना की। उनके समर्थकों ने केसरिया यानी हरा भरा, राजस्थान मतलब वसुंधरा जैसे नारे लगाए।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों की मानें तो प्रस्तावित यात्रा में अब तक का सबसे बड़ा आयोजन वसुंधरा राजे को होने की उम्मीद है। संभावना है कि वह अपनी यात्रा आदी बद्री मंदिर से शुरू करेंगी और श्री नाथ मंदिर और राजस्थान के अन्य कृष्ण मंदिरों में जाएंगी। इसमें 800-900 वाहनों का काफिला शामिल होगा।

राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने हाल ही में राजे की धार्मिक यात्रा के बारे में अनभिज्ञता जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि जहां तक ​​मुझे पता है धार्मिक यात्राएं संतों और सन्यासियों द्वारा की जाती रही हैं। इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने शनिवार को दिल्ली में राज्य के मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही, इस दौरान चार जिलों में उपचुनावों से संबंधित पार्टी की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। दो मार्च को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के राजस्थान पहुंचने की उम्मीद है। भाजपा सूत्रों ने कहा कि राजे दबाव की राजनीति के लिए यात्रा कर रही हैं, वह चाहती हैं कि आगामी चुनावों के लिए भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में उनकी घोषणा की जाए।हालांकि, अरुण सिंह ने यहां मीडिया से बात करते हुए सवाल किया कि सीएम चेहरे की घोषणा करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सीएम चेहरे की घोषणा किए बिना देश में कई चुनाव जीते हैं। उनसे आगामी चुनावों के लिए पार्टी के प्रस्तावित सीएम चेहरे के बारे में पूछा गया था। इस बीच, वसुंधरा राजे के समर्थक इस यात्रा से काफी खुश हैं। वह रक्तदान शिविर और फल वितरण की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि वसुंधरा राजे पिछले कई महीनों से राजस्थान में पार्टी कार्यालय और पार्टी की बैठकों से दूरी बनाए हुए थीं। हालांकि, गत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं से मिलने के बाद वह राज्य पार्टी मुख्यालय में कोर समिति की बैठक में शामिल हुईं थीं।