सूरत के थाना परिसर में मानव कंकाल मिलने से मचा हड़कंप

 

सूरत के थाना परिसर में मिला मानव कंकाल। फाइल फोटो

सूरत के खटोडरा पुलिस थाना परिसर में पुराने वाहनों का कबाड़ हटाते समय श्रमिकों को एक मानव कंकाल मिला है। इसके बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। दक्षिण गुजरात के सूरत में स्थित खटोडरा पुलिस थाना परिसर में रविवार दोपहर पुराने वाहनों का कबाड़ हटाया जा रहा था।

अहमदाबाद, संवाददाता।  गुजरात में सूरत के खटोडरा पुलिस थाना परिसर में पुराने वाहनों का कबाड़ हटाते समय श्रमिकों को एक मानव कंकाल मिला है। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। दक्षिण गुजरात के सूरत में स्थित खटोडरा पुलिस थाना परिसर में रविवार दोपहर पुराने वाहनों का कबाड़ हटाया जा रहा था। श्रमिकों ने जब पुराने ऑटो व दुपहिया वाहनों को हटाया तो उनके नीचे एक मानव कंकाल पड़ा मिला। यह किसी मानव शरीर का कंकाल है, लेकिन केवल खोपड़ी तथा कमर से नीचे के भाग का ही कंकाल यहां पड़ा मिला। शरीर का धड़ भाग इस कंकाल के साथ नहीं मिला। कंकाल करीब चार साल पुराना माना जा रहा है। इसकी वजह से इसका पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सकता है। पुलिस थाने में पुराने कंकाल की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने इस कंकाल की एफएसएल रिपोर्ट कराने की बात कही, ताकि कंकाल किसका है और पुलिस थाने पर कैसे पहुंचा इसकी तहकीकात की जा सके। 

गौरतलब है कि गुजरात में एकाकी जीवन बिता रहे बुजुर्ग दंपती की सुरक्षा का पुलिस विशेष ख्याल रखेगी। साथ ही, उनके रोजमर्रा के कामकाज में भी मदद करेगी। उनके यहां आने वालों की जानकारी एकत्र करने के साथ पुलिस बुजुर्गों को इरादापूर्वक अकेले छोड़े जाने वाले बेटे व पोतों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में भी मदद करेगी। गुजरात में अकेले रहने वाले बुजुर्ग दंपत्तियों के साथ आए दिन होने वाली आपराधिक वारदातों को देखते हुए पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने एक परिपत्र जारी कर सभी पुलिस थानों को अकेले जीवन बिता रहे बुजुर्ग दंपत्तियों की सूची तैयार करने को कहा है।

भाटिया ने कहा कि ऐसे लोग अपराधियों के निशाने पर होते हैं, पुलिस 15 अप्रैल तक ऐसे करीब 42500 वरिष्‍ठ नागरिकों की सूची तैयार करेगी। उनके यहां आने वाले ड्राइवर, माली, दूधवाले, राशन डिलीवर ब्‍वॉय, हॉकर, कामवाली आदि के बारे में भी पुलिस नाम, पते व उनकी पहचान पत्र का डेटा तैयार करेगी। महानिदेशक ने पुलिस थानों को निर्देश दिया है कि गश्‍त के दौरान वे ऐसे वरिष्‍ठ नागरिकों से नियमित रूप से मिलकर उनकी समस्‍या या जरूरत के बारे में पता करके उसे सुलझाने का प्रयास करें। पुलिस ऐसे नागरिकों की सुरक्षा के साथ उनके घर का राशन, बिजली व अन्‍य बिल जमा कराने, गैस सिलेंडर भराने जैसे काम भी करेगी।