रसोई पर कब− कब पड़ी महंगाई की मार, जानिए अब कितने रुपये खर्च करने पर होगा खाना पककर तैयार

 

चार महीने में 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर के दाम में 225 रुपये इजाफा हुआ है।
 उपभोक्ता परेशान छह महीने से व्यावसायिक चार महीने से घरेलू सिलिंडर के दामों में इजाफा। फास्टफूड मिठाई की कीमतों में इजाफा करने की तैयारी कर ली गई है जिससे आम जनता पर सीधा बोझ पड़ेगा।

आगरा,  संवाददाता। गत चार महीने में 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर के दाम में 225 रुपये इजाफा हुआ है। इससे रसोई की व्यवस्था बिगड़ गई है, तो आम आदमी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं व्यावसायिक सिलिंडर के दाम भी छह महीने में 474 रुपये बढ़ गए हैं, जिससे ठेल से लेकर रेस्टोरेंट स्वामी तक प्रभावित हुए हैं। फास्टफूड, मिठाई की कीमतों में इजाफा करने की तैयारी कर ली गई है, जिससे आम जनता पर सीधा बोझ पड़ेगा।

नवंबर में 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर के दाम 607 रुपये थे। दिसंबर में दो बार 50-50 रुपये का इजाफा किया गया। पहले 657 रुपये प्रति सिलिंडर हुए, जिसके बाद 707 रुपये प्रति सिलिंडर किए गए थे। वहीं जनवरी में राहत रही, लेकिन फरवरी में 25 रुपये इजाफ होने के बाद प्रति सिलिंडर दाम 732 रुपये हो गए थे। 15 फरवरी से फिर 50 रुपये बढ़ने के बाद महिलाओं में आक्रोश भड़का। वहीं 25 फरवरी से हुए 25 रुपये इजाफे ने लोगों को अार्थिक संकट में डाल दिया। एक मार्च से दाम फिर बढ़ाए गए हैं, जिससे 832 रुपये प्रति सिलिंडर दाम हो गए हैं। वहीं 19 किलोग्राम सिलिंडर का उपयोग करने वाले होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई विक्रेता भी परेशान हैं। सितंबर में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर के दाम 1173 रुपये थे। मूल्य वृद्धि के बाद अक्टूबर में दाम 1198 रुपये प्रति सिलिंडर हुए, जिनको नवंबर में बढ़ाकर 1274 रुपये प्रति सिलिंडर कर दिया गया था। वहीं एक दिसंबर से दाम बढ़ाकर 1329 रुपये कर दिए गए। दिसंबर में ही दोबारा वृद्धि हुई और दाम 1365.50 रुपये हो गए। एक जनवरी को 16.50 रुपये का इजाफा हुआ और व्यावसायिक सिलिंडर के दाम 1382 रुपये हो थे। एक फरवरी को 190 रुपये बढ़ाए गए, जिससे व्यापारियों को बढ़ा झटका लगा था। इसके बाद तीन फरवरी को छह रुपये, 14 फरवरी को नौ रुपये और 25 फरवरी को पांच रुपये घटाए गए हैं। एक मार्च को 95 रुपये प्रति सिलिंडर इजाफा व्यापारियों के लिए आफत बनकर आया है। अब दाम 1647 रुपये प्रति सिलिंडर हो गए हैं।

मिठाई की खपत 50 फीसद रह गई है, जबकि हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं। खोया, गैस के दाम बढ़े हैं, तो अब बर्फी के दाम भी बढ़ाना मजबूरी है।

राम गोपाल, मिठाई विक्रेता

भल्ला, चाऊमीन, ढोसा, इडली सभी के लिए गैस की आवश्यकता होती है। दिन में कई बार सांबर उवालनी पड़ती है। गैस के दाम तेजी से बढ़े रहे हैं, जो मुश्किल पैदा कर रहे हैं।