परमबीर सिंह बोले- मैंने अपनी ही आईडी से भेजी सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी

 

परमबीर सिंह ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर कई गंभीर आरोप लगाया है।

परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि देशमुख पुलिस अधिकारियों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करवाना चाहते थे।

मुंबई, एएनआइ। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की चिट्ठी से महाराष्ट्र की सियासत में घमासान मचा हुआ है। परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर अनिल देशमुख पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से इसकी प्रमाणिकता को लेकर संदेह जताया गया, लेकिन अब सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्होंने ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपनी ईमेल आईडी से पत्र भेजा था।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने शनिवार को इस पर कि प्रमाणिकता पर सवाल उठाया था। कहा गया था कि पत्र उनके आधिकारिक ईमेल आईडी से नहीं आया है और न ही उसमें परमबीर सिंह के हस्ताक्षर थे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी कहा कि नए ईमेल आईडी की जांच करने के लिए गृह मंत्रालय सिंह से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है। उस पत्र में सिंह ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर कई गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि देशमुख पुलिस अधिकारी सचिन वाझे से हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करवाना चाहते थे।

वहीं, देशमुख ने शनिवार को अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। देशमुख ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारी ने खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए ये झूठे आरोप लगाए। देशमुख ने ट्वीट करते हुए कहा, 'अंटीलिया केस और मनसुख हिरेन मामले में सचिन वझे के सीधे संबंध सामने आ रहे हैं। परमविर सिंह को डर है कि इसकी जांच की आंच उनतक भी पहुंच जाएगी। उन्होंने खुद को बचाने और कानूनी सुरक्षा के लिए ये झूठे आरोप लगाए हैं।

अनिल देशमुख ने कहा कि आरोपों के एक दिन बाद परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटा दिया गया था ताकि वझे से संबंधित मामलों की जांच में बाधा न पहुंचे। पत्र में परमविर सिंह ने कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है। परमबीर सिंह को अब होम गार्ड के कमांडेंट जनरल के रूप में तैनात किया गया है। देशमुख ने गुरुवार को कहा कि एनआईए और आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) सचिन वझे मामले की बहुत ही पेशेवर तरीके से जांच कर रहे हैं।

पत्र की बड़ी बातें

- गृह मंत्री अनिल देशमुख ने फरवरी मध्य में एक दिन क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट के एपीआइ सचिन वझे को अपने सरकारी आवास ज्ञानेश्वरी पर बुलाया।

- कक्ष में उनके निजी सचिव पलांडे सहित स्टाफ के एक-दो लोग और मौजूद थे। उनके सामने देशमुख ने वङो से कहा कि आपको एक महीने में 100 करोड़ रुपये इकट्ठे करने होंगे।

- गृह मंत्री ने खुद इसका रास्ता भी बताते हुए कहा कि मुंबई में करीब 1,750 बार एवं रेस्टोरेंट्स जैसे प्रतिष्ठान हैं। इनसे हर महीने दो-तीन लाख रुपये लिए जाएं तो 40-50 करोड़ रुपये आसानी से जमा हो सकते हैं। शेष राशि अन्य स्नोतों से जुटानी होगी।

- इसके दो दिन बाद ही देशमुख ने बार इत्यादि पर नजर रखने वाली सोशल सíवस ब्रांच के एसीपी संजय पाटिल और डीसीपी भुजबल को अपने सरकारी आवास पर बुलाया।

- गृह मंत्री ने उनसे मुंबई के हुक्का पार्लरों के बारे में चर्चा की और वसूली का वही तरीका उन्हें भी बताया, जो उन्होंने सचिन वझे को बताया था।