मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की सदन में बड़ी घोषणा, झारखंड में बढ़ सकती है प्रखंडों की संख्‍या

 

Jharkhand Assembly Budget Session हेमंत सोरेन की फाइल फोटो।

 हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए लोगों को ज्यादा दूरी तय नहीं करना पड़े इसको देखते हुए प्रखंड के लिए पहले से बने संकल्प को संशोधित किया जाएगा।

रांची, राज्‍य ब्‍यूरो।  मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सदन में बड़ी घोषणा की है। मुख्‍यमंत्री ने कहा है कि झारखंड में प्रखंडों की संख्या बढ़ाने को लेकर  सर्वे शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। झारखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए लोगों को ज्यादा दूरी तय नहीं करना पड़े, इसको देखते हुए प्रखंड के लिए पहले से बने संकल्प को संशोधित किया जाएगा। राज्य में जमीन संबंधित मामले अधिक हैं।

ऐसे मामलों के समाधान के लिए ही सरकार खतियान, प्लाॅट का यूनिक कोड बनाने जा रही है। अगले सत्र तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य है। जमीन के मामले पर सदन गरमाया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आसन के सामने पहुंचे। पूरा मामला एचईसी को जमीन देने और एचईसी के माध्यम से जमीन बेचने से संबंधित था। मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि सभी पंचायतों में श्रमिक मित्र की नियुक्ति होगी। जिलों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने उद्योगों के विकास पर हाथी उड़ाने का ही काम किया। कंबल घोटाला से झारक्राफ्ट की बदनामी हुई। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ओरिएंट क्राफ्ट से 17 एकड़ जमीन वापस लेगी। राज्य सरकार ने कंपनी को नोटिस भेजा है।

सरयू राय ने कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर उद्योग लगाने का आमंत्रण दे रहे हैं। इससे बेहतर होगा कि सरकार राज्य में पहले से संचालित उद्योगों को सुदृढ़ करे। यही उद्योग एंबेसडर का काम करेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्री अपने विभागों पर नजर रखें। विभाग सदन में जो बजट प्रतिवेदन रखते हैं, उनमें कुछ भी नया नहीं होता है। प्रतिवेदन में कोई गंभीरता नहीं दिखती। मंत्री सूचनाएं लेने के लिए अधिकारियों की क्लास लें। श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण, ऊर्जा, उद्योग, खान एवं भूतत्व विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा चल रही है।