कंपनी जोड़ने जा रही है नया फीचर, अब ड्राइवर्स को मिलेगा 'इको-फ्रेंडली' रूट्स का सुझाव

 

गूगल के इस फीचर को पहले अमेरिका में लॉन्च किया जाएगा

इस नए फीचर को इस साल के अंत तक अमेरिका में लॉन्च किया जाएगा। जिसके बाद अन्य देशों में पेश किया जाएगा। इस फीचर की मदद से डिफ़ॉल्ट रूप से मैप्स ड्राइवरों को पर्यावरण-अनुकूल मार्ग की सूचना देंगे। हालांकि इन रास्तों पर समय का भी ध्यान रखा जाएगा।

नई दिल्ली, रायटर्स। Google मैप के जरिए लाखों की संख्या में लोग रोजाना अपना सफर तय करते हैं, फिलहाल इस सफर को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए गूगल ने घोषणा की है, कि उसका मैप ऐप अब ड्राइवरों को उन मार्गों से ले जाएगा जो पर्यावरण के अनुकूल हैं। इन मार्गों से चलने पर यातायात और ढलान के आधार पर सबसे कम कार्बन उत्सर्जन उत्पन्न होने का अनुमान है। 

कंपनी ने यह ऐलान दुनिया भर में चल रहे जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए किया है, इस नए फीचर को इस साल के अंत तक अमेरिका में लॉन्च किया जाएगा। जिसके बाद इसे अन्य देशों में पेश किया जाएगा। इस फीचर की मदद से डिफ़ॉल्ट रूप से मैप्स ड्राइवरों को पर्यावरण-अनुकूल मार्ग की बारे में सूचना देंगे। हालांकि इन रास्तों पर समय का भी ध्यान रखा जाएगा कि सफर करने वाले को कम से कम समय में उसकी लोके​शन पर पहुंचाया जाए।

गूगल के एक उत्पाद निदेशक रसेल डिकर ने रायटर्स के हवाले से कहा, "हम जो देख रहे हैं वह लगभग आधे मार्गों के लिए है, हम कम से कम या बिना समय की लागत वाले ट्रेडऑफ़ के साथ अधिक पर्यावरण के अनुकूल विकल्प ढूंढने की कोशिश में हैं।"  Google ने कहा कि यह विभिन्न प्रकार के वाहनों और सड़क के प्रकारों के द्वारा उत्सर्जन को ध्यान में रखते हुए अनुमानों को प्राप्त करता है। Google की घोषणा में अतिरिक्त जलवायु-केंद्रित परिवर्तन शामिल थे। जून से यह ड्राइवरों को कम उत्सर्जन क्षेत्रों के माध्यम से यात्रा करने के बारे में चेतावनी देना शुरू कर देगा। 

वहीं आने वाले कुछ महीनों में गूगल मैप्स ऐप के माध्यम से यूजर विभिन्न वर्गों के बीच टॉगल करने के बजाय एक ही स्थान पर कार, बाइक, पब्लिक व्हीकल और अन्य यात्रा विकल्पों की तुलना करने में सक्षम होंगे। जानकारी के लिए बता दें, वर्तमान में गूगल ढ़लान आदि को मैप में नहीं दिखाता है, वहीं कई बार समय की बचते के लिए यह ऐसे रास्तों का इस्तेमाल करता है, जहां ट्रैफिक तो नहीं होता लेकिन वह रास्ता वाहन के लिए पूरी तरह से सही नहीं होता है। इसलिए भारतीय गूगल मैप पर भरोसा तो करते है, लेकिन पूरी तरह से आंख बंद करके नहीं