सुशील मोदी ने खोजा बंगाल चुनाव का लालू कनेक्‍शन, ममता बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

 

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी तथा आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव। फाइल तस्‍वीर।
 बंगाल में साल 2005 के पहले के बिहार के लालू-राबड़ी राज वाले बदतर हालात हैं। यह आरोप लगाजे हुए बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला किया है। कहा है कि ममता व लालू की राजनीति एक है इसलिए दोनों साथ हैं।

पटना, स्‍टेट ब्यूरो।  बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के राज्‍यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी  ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव  को लेकर तृणमूल कांग्रेस अध्‍यक्ष व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी  पर जमकर हमला किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने बंगाल के वर्तमान हालात को साल 2005 के पहले के लालू-राबड़ी शासनकाल) के बिहार की तरह का बताया है। उन्‍होंने लिखा है कि लालू का राष्‍ट्रीय जनता दल पड़ोसी राज्य में बसे लाखों बिहारियों की चिंता किए बिना टीमएमसी के साथ है। ममता बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्‍होंने आगे लिखा है कि अब पश्चिम बंगाल में भी वैसा ही परिवर्तन होगा, जैसा बिहार में साल 2005 में हुआ था।

बंगाल को लालू राज के हालात में पहुंचाया

ममता बनर्जी पर हमलावर सुशील मोदी ने कहा है कि ममता बनर्जी ने बंगाल को उद्योगों का कब्रिस्तान बना कर बेरोजगारी  बढ़ा दी है। रोहिंग्या सहित अन्य घुसपैठियों को बसा कर स्थानीय लोगों की रोटी और संस्कृति छीन ली है। चिटफंड घोटाला, कोयला घोटाला और कमीशनखोरी का राजनीतिकरण कर राज्य को उसी हाल में पहुंचा दिया, जिस हाल में कभी लालू-राबड़ी राज में बिहार पड़ा था।

बंगाल में खेला नहीं, पोरिबर्तन होबे

अपने ट्वीट में सुशील मोदी आगे लिखते हैं कि ममता बनर्जी और लालू प्रसाद यादव  की राजनीति एक है, इसीलिए राष्‍ट्रीय जनता दल  पड़ोसी राज्य में बसे लाखों बिहारियों की चिंता किए बिना आंख मूंद कर टीमएमसी का समर्थन कर रहा है। बिहार में जैसा परिवर्तन 2005 में हुआ था, उससे बड़ा बदलाव बंगाल में होगा। 'बंगाल में खेला नहीं, पोरिबर्तन होबे।'

झूठ का पुलिंदा है टीएमसी का घोषणा पत्र

अपने दूसरे ट्वीट में सुशील मोदी ने लिखा है जिस टीएमसी की सरकार ने बंगाल के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सालाना छह हजार रुपये नहीं लेने दिए, वह अपने घोषणापत्र में उन्हें 10 हजार रुपये सालाना देने का वादा कर रही है। जिस ममता बनर्जी ने टाटा जैसे सम्मानित निवेशक को नैनो कार प्लांट नहीं लगाने दिया, वह अगले पांच साल में पांच लाख करोड़ के नये निवेश और 10 लाख फैक्ट्रियां लगाने की बात कह रही हैं। टीएमसी का घोषणा पत्र झूठ का पुलिंदा है।