मसूड़ों के संक्रमण से पीड़ित मरीजों में हाई बीपी का जोखिम अधिक, नए शोध में आया सामने

 

यह अध्ययन अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल हाइपरटेंशन में प्रकाशित हुआ
पूर्व में किए गए अध्ययनों से हाई बीपी और पेरियोडोंटाइटिस के बीच संबंधो की पुष्टि तो होती है लेकिन इसके चलते होने वाली मौतों के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है। पेरियोडोंटाइटिस मसूड़ों के ऊतकों का संक्रमण है।

वॉशिंगटन, एएनआइ। एक नए अध्ययन से पता चला है कि मसूड़ों के संक्रमण से पीड़ित लोगों में हाई ब्लड प्रेशर होने की आशंका अधिक होती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर 45 फीसद वयस्कों को प्रभावित करता है और यह दुनियाभर में समय से पहले मौत का एक बड़ा कारण है। वहीं मूसड़ों की बीमारी यानी पेरियोडोंटाइटिस दुनिया की आधी से अधिक आबादी को प्रभावित करती है। यह अध्ययन अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल हाइपरटेंशन में प्रकाशित हुआ है।

पूर्व में किए गए अध्ययनों से हाई बीपी और पेरियोडोंटाइटिस के बीच संबंधो की पुष्टि तो होती है, लेकिन इसके चलते होने वाली मौतों के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है। पेरियोडोंटाइटिस मसूड़ों के ऊतकों का संक्रमण है। यह एक बहुत ही सामान्य स्थिति है। इसमें मसूड़ों में सूजन के साथ उनसे खून भी आ सकता है। अगर इस बीमारी का इलाज नहीं कराया जाए तो दांत भी गिर सकते हैं।

यूनिवसर्सिटी कॉलेज लंदन के ईस्टमैन डेंटल इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर ने कहा कि पेरियोडोंटाइटिस से पीड़ित लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की संभावना अधिक रहने के कारण उन्हें इसके जोखिम के बारे में बताया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें उत्तम आहार लेने और व्यायाम करने की सलाह देनी चाहिए।

अध्ययन में 250 ऐसे वयस्कों को शामिल किया गया, जो पेरियोडोंटाइटिस से पीड़ित थे। वहीं 250 वयस्कों का एक दूसरा समूह भी बनाया गया, जिनमें किसी तरह की समस्या नहीं थी। जिन लोगों को इस अध्ययन में शामिल किया गया, उनकी औसत आयु 35 वर्ष थी। शोध में 52.6 फीसद महिलाओं को रखा गया था। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकला कि जिन लोगों को मसूड़ों की बीमारी थी, वह उच्च रक्तचाप की समस्या से भी ग्रसित थे।