दिल्ली की सर्दी झेलने के बाद अब गर्मी से भी निपटने की तैयारी में किसान

 

 

किसानों ने गर्मी को ध्यान में रखते हुए टीकरी बॉर्डर पर बोरिंग करके पानी की व्यवस्था कर ली है।

दिल्ली की सीमा पर बीते तीन माह से धरना देकर प्रदर्शन कर रहे किसान ठंडक झेलने के बाद अब गर्मी से भी निपटने की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली में नवंबर-दिसंबर माह की भयंकर ठंड इन किसानों ने धरना स्थल पर ही काट दी।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली की सीमा पर बीते तीन माह से धरना देकर प्रदर्शन कर रहे किसान ठंडक झेलने के बाद अब गर्मी से भी निपटने की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली में नवंबर-दिसंबर माह की भयंकर ठंड इन किसानों ने धरना स्थल पर ही काट दी, अब गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। किसान गर्मी से निपटने के लिए भी तैयारी कर रहे हैं।

ठंड से बचने के लिए किसानों ने अपने ट्रैक्टर ट्राली को ही अपना आशियाना बना लिया था, इसके ऊपर तिरपाल, पॉलीथीन आदि लगाकर ठंड से बच रहे थे। अब इन किसानों से इसी तरह से गर्मी से भी बचने की तैयारी शुरू कर दी है। गर्मी से बचने के लिए किसान अपने ट्रैक्टर के ऊपर तिरपाल और पॉलीथीन को बदलकर अब वहां मच्छरदानी लगा रहे हैं जिससे गर्मी के दिनों में मच्छरों से बचाव कर सकें। 

ये किसान केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार कृषि कानून वापिस नहीं लेगी, वो वापिस नहीं जायेंगे। इस बीच, मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों ने प्रदर्शनस्थलों पर पंखे, मच्छरदानियाँ, फ़्रिज और अन्य सामान लाने शुरू कर दिये हैं। 

गुरूवार को टीकरी बॉर्डर पर गर्मी से तैयारियों का नजारा देखने को मिला। यहां पानी की सप्लाई के लिए बोरवैल किया गया है। गर्मी से बचने के लिए फ्रिज लगा दिया गया है। ठंडक के लिए बांस की छोटी झोपड़ियां बनाई जा रही हैं। 

प्रदर्शन में शामिल होने अमृतसर से दिल्ली के लिए निकले किसानों ने अपने ट्रैक्टर ट्रॉलियों में मच्छरदानियां बांधी हुई हैं और मच्छर मारने की इलेक्ट्रिक मशीनें भी लगा रखी हैं। किसान मजदूर संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी सर्वन सिंह पंधेर ने बताया कि दिल्ली की गर्मी को देखते हुए जो जत्था वहां से चला है वो पूरी तैयारी के साथ निकला है। पहले हमने ठण्ड से बचने के लिए ट्रैक्टर की ट्रॉली पर तिरपाल चढ़ाई थी, अब उसे हटाकर मच्छरों से बचने के लिए जाली चढ़ाई है। 

टिकरी बॉर्डर पर किसानों ने गर्मी से बचने के लिए अब यहां एक फ्रिज भी लगा लिया है और पानी की भी व्यवस्था की है। यूपी की सीमा पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर में किसानों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार जब तक किसानों की बात नहीं मानेगी, किसान वापस नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार से बातचीत की गुंजाइश नहीं है, किसानों ने लंबी तैयारी की है। किसानों और सरकार के बीच अब तक कई दौर की बातचीत हो चुकी है जो बेनतीजा रही।किसान बातचीत करके इस मामले को निपटाने के लिए तैयार हैं मगर सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। उधर सरकार के नुमाइंदों का कहना है कि किसान जब चाहे सरकार से बात कर सकते हैं बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं।