आंध्र प्रदेश में लगातार दूसरे वर्ष बजट के लिए जारी हुआ अध्यादेश, विधानसभा में नहीं हो पाएगी चर्चा

 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की फाइल फोटो

राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आंध्र प्रदेश एप्रोप्रिएशन (वोट-ऑन-अकाउंट) ऑर्डनेंस 2021 पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार को अधिकार दिया है कि वह एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में खर्च के लिए खजाने से धन ले सकती है।

अमरावती, प्रेट्र। आंध्र प्रदेश में लगातार दूसरे वर्ष जगन रेड्डी सरकार ने राज्य के बजट को लेकर अध्यादेश जारी किया है। 70,983 करोड़ रुपये के व्यय के बजट पर विधानसभा में चर्चा नहीं हो पाएगी। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आंध्र प्रदेश एप्रोप्रिएशन (वोट-ऑन-अकाउंट) ऑर्डनेंस 2021 पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार को अधिकार दिया है कि वह एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में खर्च के लिए खजाने से धन ले सकती है।

सरकार ने बजट के लिए विधानसभा का सत्र बुलाने से इन्कार करते हुए लगातार दूसरे वर्ष अध्यादेश के जरिये बजट के लिए धनराशि प्राप्त की है। विधानसभा का बजट सत्र 31 मार्च से पहले आहूत करना था। लेकिन सरकार ने स्थानीय निकाय के चुनावों और तिरुपति लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को कारण बताकर बजट सत्र आहूत करने से इन्कार कर दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंत्रियों को बजट से संबंधित प्रपत्र ऑनलाइन भेज दिए। उन्हीं पर मंत्रियों की स्वीकृति लेकर कैबिनेट से अध्यादेश प्रस्ताव को पारित करा लिया। इसके बाद रविवार को राज्यपाल से उस पर स्वीकृति ले ली गई। 2020 में कोविड महामारी को कारण बताकर राज्य विधानसभा का बजट सत्र आहूत नहीं किया गया था।