गठबंधन के बावजूद माकपा के खिलाफ उम्मीदवार उतार सकती है कांग्रेस

शमशेरगंज सीट पर माकपा ने अपने उम्मीदवार के नाम की कर दी है घोषणा

 बंगाल में चुनावी गठबंधन के बावजूद कांग्रेस माकपा के खिलाफ उम्मीदवार उतार सकती है। दरअसल दो सीटों को लेकर नए सिरे से विवाद पैदा हुआ है। एक मुर्शिदाबाद की शमशेरगंज सीट है और दूसरी नदिया की शांतिपुर।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल में चुनावी गठबंधन के बावजूद कांग्रेस माकपा के खिलाफ उम्मीदवार उतार सकती है। दरअसल दो सीटों को लेकर नए सिरे से विवाद पैदा हुआ है। एक मुर्शिदाबाद की शमशेरगंज सीट है और दूसरी नदिया की शांतिपुर। शमशेरगंज सीट पर माकपा ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है और शांतिपुर से भी वही लडऩा चाहती है। वैसे शमशेरगंज सीट पहले माकपा के लिए ही छोड़ी गई थी लेकिन बाद में कांग्रेस ने भी वहां से लडऩे की इच्छा जताई थी।

वहीं पिछली बार कांग्रेस की जीती शांतिपुर सीट पर इस बार माकपा ने लडऩे की इच्छा जताई थी लेकिन बाद में यह सीट छोड़ दी थी लेकिन अब फिर से लडऩे की इच्छा जताई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा से कहा है कि मुर्शिदाबाद जिला कांग्रेस शमशेरगंज सीट छोडऩा नहीं चाहती इसलिए वहां 'मैत्रीपूर्ण' लड़ाई हो सकती है।

अधीर का इशारा वहां से कांग्रेस उम्मीदवार खड़ा करने की तरफ था। इसपर सूर्यकांत मिश्रा ने उनसे कहा कि मैत्रीपूर्ण लड़ाई कांग्रेस-वामो-आइएसएफ गठबंधन के हित में नहीं है। मुर्शिदाबाद में नामांकन की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि माकपा से बातचीत करके शमशेरगंज सीट को लेकर समाधान-सूत्र निकाला जाएगा।

गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद को अधीर का गढ़ माना जाता है। वहां की 22 विस सीटों में से पिछली बार तृणमूल कांग्रेस ने 14 जबकि माकपा व तृणमूल ने चार-चार सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस व माकपा ने अपनी जीती सीटों पर खुद लडऩे और तृणमूल की झोली में गई चार सीटों को दो-दो करके आपस में बांट लेने का तय किया था लेकिन अब नया पेंच पैदा हो गया है। दूसरी तरफ पुरुलिया जिले की रायपुर सीट को वामपंथी दल आरएसपी के लिए छोडऩे पर भी कांग्रेस ने वहां अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया है।