मिलिए बैगपाइपर बजाने वाली देश की पहली लड़की आर्ची जे से, छोड़ी जॉब और चुना संगीत

आर्ची जे के यू ट्यूब चैनल 'द स्नेक चार्मर' को एक टीम के रूप में चलाती हैं।

जब धुन लगी हो धुनें बनाने की तो कोई और चीज भाती है क्या? आर्ची जे ने बैगपाइपर जैसा कठिन वाद्य चुना बजाने के लिए। सीखना बजाना मुश्किल था लेकिन वे सीख कर और बजा कर ही मानीं...

नई दिल्ली। देश की पहली लड़की है आर्ची जे, जो प्रोफेशनली बैगपाइपर बजाती हैं। अपने शौक और लगन से उन्होंने यह अनोखा विदेशी वाद्य बजाना सीखा। पहले वे नियमित रूप से वीडियो नहीं डालती थीं। लेकिन जब सोचा कि बैगपाइप्स की अपनी धुनें सिर्फ ऑडियो पर नहीं विजुअल भी लोगों को देखने को मिले ताकि वे इस खूबसूरत वाद्य को पहचान सकें तो करीब तीन साल पहले अपना यूट्यूब चैनल 'द स्नेक चार्मर' शुरू किया। आज उनके 5 लाख 96 हजार सब्सक्राइबर्स हैं।

आर्ची जे ने बचपन से ही तय किया था कि वे म्यूजिक में ही अपना करियर बनाएंगी। उन्होंने अपना रॉक बैंड बनाया लेकिन जब उन्होंने इंटरनेट पर बैगपाइप को देखा तो उन्हें धुन सवार हो गई इसे सीखने और धुनें बनाने की। भारत में इस विदेशी वाद्य को सिखाने वाला न मिलने पर उन्होंने इंटरनेट से इसे सीखने की कोशिश की। दुनिया भर में इस यंत्र को बजाने वाले लोगों से संवाद कायम किया और अपनी मेहनत, धुन और खुद पर भरोसे की बदौलत देश की पहली बैगपाइप प्लेयर बन गईं।

स्कॉटलैंड से किया कोर्स

कहती हैं आर्ची, 'बैगपाइप से पहले एक और छोटे इंस्ट्रूमेंट को सीखना पड़ता है। मेरे आसपास न तो कोई ऐसा था जिसके पास यह वाद्य था। न ही कोई टीचर था। मेरे भाई कनाडा से वह इंस्ट्रूमेंट लाए। मैंने ई-बुक डाउनलोड की और उससे सीखना शुरू किया। मैं म्यूजिशियन थी तो ऐसा कर पाई। कौनसी अंगुली कहां रखनी है, यह बताने वाला कोई नहीं था। कभी-कभी बहुत परेशान हो जाती लेकिन बैगपाइप की आवाज से मुझे प्यार हो गया था। करीब डेढ़ साल तक मैंने खुद सीखा और जर्मनी से बैगपाइप मंगवाए। लेकिन यह अलग ही खिलाड़ी निकला। जब मैंने इसे असेंबल किया और फूंकने लगी तो कोई आवाज ही नहीं निकली। मुझे लगा कि मेरी मेहनत और पैसे बेकार हो गए। मैंने अपने ऑनलाइन फ्रेंड्स से बात की। मुझे टीचर की जरूरत थी। मैं अपनी सेविंग्स से स्कॉटलैड गई और वहां एक हफ्ते का कोर्स किया।' आर्ची को लगा कि जिंदगी में उन्हें यही करना था। आज वे संगीत की साधना में पूरे दिल से लगी हैं।

लोग कहते गिटार बजाओ

अपने सफर और कठिनाइयों का जिक्र करते हुए आर्ची जे कहती हैं, 'मैंने 2015 में पहला वीडियो डाला तो प्रतिक्रिया बहुत अच्छी आई। फिर एक वीडियो और डाला। लोग और मांगने लगे तो मुझे लगा कि मैं यह कर सकती हूं। 2016 से मैंने वीडियो डालने शुरू कर दिए। मेरा एक वीडियो था थंडर स्ट्रक, जिसमें मैंने बैगपाइप्स के साथ डबस्टेप म्यूजिक को मिक्स किया तो लोगों को बहुत पसंद आया। अमेरिका, यूके की बड़ी पत्रिकाओं ने मेरे बारे में लिखा। स्कॉटलैंड के डेली एक्सप्रेस ने मुझ पर फीचर किया। उन्हें मेरा इनोवेशन पसंद आया। शुरुआत में लोग मुझे कहते आप गिटार क्यों नहीं बजातीं। मुझे दो बार गिटार दी भी गई लेकिन उसमें रुचि नहीं आई और इस कठिन वाद्य को बहुत कठिनाई से बजाना सीखा।' आर्ची कहती हैं कि अगर आप आप अपने दिल की पसंद का काम करते हैं तो कला निखरती है।

जॉब छोड़ी, संगीत चुना

मैं जॉब करती थी लेकिन मैंने जब तय किया कि मुझे सिर्फ यही करना है तो जॉब छोड़ी और प्रोफेशनली इसे ही शुरू किया। बहुत सीखा और प्रैक्टिस की। वीडियोज डालने लगी। जिन्हें लोग पसंद करने लगे। महिलाओं के लिए वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होना शक्ति की तरह होता है। जब जॉब छोड़ रही थी तो लग रहा था कि क्या मै इतना कमा पाऊंगी लेकिन मैंने साबित किया कि अगर आप अपने पैशन में कठिन परिश्रम करते हैं तो पैसा आ जाता है।

दिल की सुनी, दिमाग से काम लिया

मैं बचपन से आउटगोइंग रही हूं। मुझे जो भी चाहिए होता है मैं कर लेती हूं। मैंने दिल की सुनी और दिमाग से भी काम लिया। खाली दिल की सुनने से कुछ नहीं होता। मुझे विश्वास था कि मैं कर लूंगी। हां, मुझे लगता था कि लोगों को पसंद आएगा कि नहीं। मुझे कई लोगों ने कहा भी कि तुम यह क्या सीख रही हो, क्यों अपना समय और मेहनत बर्बाद कर रही हो, इसका तो भारत में कोई बाजार ही नहीं है। लेकिन मुझे कुछ अलग ही करना था। जो सब कर रहे हों, उसमें मजा क्या है? मैंने इस इंस्ट्रूमेंट को इनोवेटिव तरीके से पेश करने की सोची। एक पारंपरिक वाद्य को आधुनिक रूप से प्रस्तुत करना चाहती थी। इसके लिए मेरे म्यूजिक प्रोड्यूसर दोस्त करण ने मेरा साथ दिया। अब वह म्यूजिक प्रोड्यूस करते हैं, मैं बैगपाइप बजाती हूं और हमारे यू ट्यूब चैनल 'द स्नेक चार्मर' को हम एक टीम के रूप में चलाते हैं।