एमपी : अब कोरोना टीकाकरण के नाम पर स्क्रीन शेयर एप से ठगी, बैंक अकाउंट से उड़ाए लाखों रुपये

झारखंड के ठग सक्रिय, रीवा में आरक्षक के खाते से तीन लाख निकाले

एप के माध्यम से दर्ज की जाने वाली जानकारी लेने के बाद वे झांसा देते हैं कि दस रुपये का रजिस्ट्रेशन करवा लें। इस प्रक्रिया के दौरान स्क्रीन शेयर एप चालू रहने से ठग बैंक से लेनदेन की जानकारी जुटा लेते हैं और राशि निकाल लेते हैं।

भोपाल। सावधान, देशभर में चलाए जा रहे कोरोना टीकाकरण अभियान को आनलाइन ठगी करने वालों ने नए औजार के रूप में उपयोग करना शुरू कर दिया है। ये ठग झारखंड के हैं। हाल ही में इन्होंने मध्य प्रदेश में रीवा के एक आरक्षक को चूना लगा दिया। ठगों ने टीकाकरण के दूसरे डोज के नाम पर जानकारी मांगी और खाते से लगभग तीन लाख रुपये निकाल लिए गए। ठग स्क्रीन शेयर एप डाउनलोड करवाकर वारदात कर रहे हैं। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। इस तरह के संदेश कई लोगों तक पहुंचने की जानकारी पुलिस के संज्ञान में है। दरअसल, ठग मोबाइल पर मैसेज या फोन कर कोरोना से बचने के लिए टीका लगवाने की बात करते हैं। इसी दौरान वे स्क्रीन शेयर एप डाउनलोड करवाते हैं।

एप के माध्यम से दर्ज की जाने वाली जानकारी लेने के बाद वे झांसा देते हैं कि दस रुपये का रजिस्ट्रेशन करवा लें। इस प्रक्रिया के दौरान स्क्रीन शेयर एप चालू रहने से ठग बैंक से लेनदेन की जानकारी जुटा लेते हैं और राशि निकाल लेते हैं। मप्र में इस प्रकार की ठगी का एक ही केस दर्ज हुआ है, लेकिन ऐसे फोन कई लोगों तक आने की सूचना साइबर पुलिस के पास है। रीवा की 9वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक (कांस्टेबल) शत्रुघ्न पटेल के साथ ठगी के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

नए मामलों में फैलाते हैं भ्रम

साइबर पुलिस के सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार की ठगी का पूरा नेटवर्क झारखंड से चल रहा है। वे नए मामलों को लेकर लोगों को भ्रमित करते हैं। अभी कोरोना टीकाकरण के बारे में जानकारी देकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इससे पहले स्वरोजगार को लेकर शासकीय योजनाओं के तहत कर्ज देने के बहाने ठगी करने के मामले सामने आए थे।

बचाव के उपाय साइबर एक्सपर्ट शोभित चतुर्वेदी के अनुसार

  • अज्ञात फोन से मिली सलाह पर स्क्रीन शेयर एप डाउनलोड न करें। इससे ठग पूरे मोबाइल की गतिविधि देखते रहते हैं।
  • अनजान नंबरों से आ रहे फोन पर भरोसा कर व्यक्तिगत जानकारी न दें।
  • कोरोना टीकाकरण को लेकर सरकार जिस एप का प्रचार कर रही है, उसी पर भरोसा करें।
  • फोन या इंटरनेट मीडिया पर व्यक्तिगत सूचनाएं शेयर न करें।
  • फोन पर बताए अनुसार किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें।

कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा (पुलिस मुख्यालय), सहायक पुलिस महानिरीक्षक अमित सिंह ने बताया, 'कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण के नाम पर आरक्षक से ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी के लिए सलाह जारी की गई है। लोग भी अज्ञात लिंक पर जानकारी देने से बचें।'