पति लंदन तो पत्नी अमेरिका में, गुरुग्राम के दंपती को चाहिए मैरिज सर्टिफिकेट, हाई कोर्ट से मिली अनुमति

 

विदेश में रहने वाले पति-पत्नी ने मींगी डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट देने की इजाजत। सांकेतिक फोटो
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक दंपती ने डिजिटल दस्तावेज से विवाह पंजीकरण की अनुमति मांगी है जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर दिया है। दरअसल पति लंदन व पत्नी अमेरिका में रहती है। कोविड के कारण वह खुद उपस्थित नहीं हो सकते।

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दंपती को विवाह पंजीकरण करने की अनुमति दी है। हाई कोर्ट ने यह आदेश गुरुग्राम निवासी दंपती अमी रंजन और उनकी पत्नी मिशा वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। बेंच को बताया गया कि अमी रंजन एक आईटी प्रोफेशनल हैं और वे लंदन में रहते हैं। उनकी पत्नी मिशा वर्मा डॉक्टर हैं, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में कार्यरत हैं।

दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज के तहत गुरुग्राम में 7 दिसंबर 2019 को विवाह किया था। शादी के कुछ सप्ताह के बाद वह लंदन और पत्नी अमेरिका चली गई। जब उसने अपनी पत्नी के पास लंदन से अमेरिका जाने के लिए वीजा मांगा तो उसे मैरिज सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ी। इसके लिए दोनों ने पत्र से गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर-कम-मैरिज अफसर से उनका विवाह पंजीकरण करने का आग्रह किया।


दोनों ने कहा कि लाकडाउन के कारण वह विदेश से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डिप्टी कमिश्नर-कम-मैरिज अफसर के सामने पेश हो सकते हैं, परंतु डिप्टी कमिश्नर-कम-मैरिज अफसर ने विवाह पंजीकरण करने से इन्कार करते हुए कहा कि दोनों को उनके सामने पेश होना होगा। विशेष विवाह अधिनियम, 1954 (Special Marriage Act, 1954) के तहत विवाह का पंजीकरण दोनों के पेश होने के बगैर नहीं हो सकता।