अमेरिका बोला, परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए उत्तर कोरिया को समझाए चीन

 

प्योंगयांग ने कहा, वाशिंगटन से वार्ता का प्रस्ताव मिला तो कर देंगे नजरअंदाज

ब्लिंकन ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में सुरक्षा मसले पर वार्ता के बाद यह बात कही। यहां अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सुरक्षा अधिकारियों के बीच पांच वर्ष बाद उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के मसले पर चर्चा हुई।

सियोल, एपी। अमेरिका के विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन ने चीन से कहा कि वह परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए उत्तर कोरिया को समझाए। जबकि प्योंगयांग ने कहा कि वाशिंगटन से वार्ता का प्रस्ताव मिल तो उसे नजरअंदाज कर दिया जाएगा। क्योंकि उसकी दुश्मनी वाली नीति है।

ब्लिंकन ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में सुरक्षा मसले पर वार्ता के बाद यह बात कही। यहां अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सुरक्षा अधिकारियों के बीच पांच वर्ष बाद उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के मसले पर चर्चा हुई। ब्लिंकन ने पत्रकारों से कहा, 'परमाणु हथियार छोड़ने के लिए उत्तर कोरिया को राजी करना बीजिंग के हित में है, क्योंकि वह अस्थिरता का स्रोत है। वह खतरे का स्रोत है और यकीनन वह हम लोगों और हमारे सहयोगियों के लिए खतरा है।' उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया को समझाने में बीजिंग की अहम भूमिका है, क्योंकि इस कोरियाई देश का ज्यादातर विदेशी कारोबार चीन के जरिये होता है।

इससे पहले उत्तर कोरिया की प्रथम उप विदेश मंत्री चो सन-हुई ने कहा, 'हमें नहीं लगता कि अमेरिका को जवाब देने की जरूरत है। हम पहले ही अपना रुख साफ कर चुके हैं कि जब तक अमेरिका शत्रुतापूर्ण नीति वापस नहीं लेता, तब तक कोई संपर्क या वार्ता नहीं हो सकती है।' उनकी यह टिप्पणी अमेरिका के उस बयान पर आया, जिसमें वाशिंगटन ने कहा कि गत फरवरी में कई चैनलों के जरिये प्योंगयांग से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला था।