कोरोना महामारी की दूसरी लहर का खतरा, उद्धव ठाकरे ने दिए लॉकडाउन के संकेत

 

महाराष्ट्र में अकेले 65 फीसद से ज्यादा नए मामले (फोटो एएनआई)

110 दिनों के बाद शुक्रवार को करीब 40 हजार नए मामले सामने आए। सबसे गंभीर स्थिति महाराष्ट्र की होती जा रही है और राज्य के एक बार फिर लॉकडाउन की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसके संकेत भी दे दिए हैं।

 नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का खतरा बढ़ता जा रहा है। 110 दिनों के बाद शुक्रवार को करीब 40 हजार नए मामले सामने आए। सबसे गंभीर स्थिति महाराष्ट्र की होती जा रही है और राज्य के एक बार फिर लॉकडाउन की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। हालात को काबू में करने के लिए राज्य सरकार ने कई पाबंदियां लगानी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों को 'टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट' यानी संभावित मरीजों की जांच, उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान और उनके बेहतर इलाज की रणनीति को अपनाने की सलाह दी गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़े कोरोना की दूसरी लहर के स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 39,726 नए मामले पाए गए हैं। इससे पहले पिछले साल 29 नवंबर को इससे अधिक 41,810 नए केस मिले थे। इस दौरान 154 और लोगों की मौत भी हुई है। इसके साथ ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 15 लाख 14 हजार को पार कर गया है। इनमें से एक करोड़ 10 लाख 83 हजार से अधिक मरीज पूरी तरह से संक्रमण मुक्त भी हो चुके हैं और 1,59,370 लोगों की जान जा चुकी है।

मंत्रालय के मुताबिक सक्रिय मामलों में लगातार नौ दिनों से वृद्धि हो रही है। वर्तमान में कुल सक्रिय माले 2,71,282 हैं, जो कुल मामलों का 2.36 फीसद है। बीते 24 घंटों में ही 18,918 सक्रिय मामले बढ़े हैं। नए मामलों के बढ़ने से मरीजों के उबरने की दर में गिरावट आ रही है और यह 96.26 फीसद पर आ गई है, जबकि मृत्युदर 1.38 फीसद पर है।

केंद्र सरकार ने बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों को मरीजों की पहचान, 72 घंटों के भीतर उनके संपर्क में आए कम से कम 20 लोगों की पहचान और उनके बेहतर इलाज पर खास ध्यान देने की सलाह दी है।

पांच राज्यों ने बढ़ाई चिंता

कोरोना महामारी को लेकर महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और छत्तीसगढ़ ने चिंता बढ़ा दी है। इन्हीं राज्यों में नए मामलों में से 80 फीसद से ज्यादा केस सामने आए हैं। इनमें से अकेले महाराष्ट्र में 65 फीसद नए मामले (25,833) शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब में 2,369, केरल में 1,899 और गुजरात में 1,276 नए मरीज भी इसमें शामिल हैं। केरल में जरूर अधिक मामले मिले हैं, लेकिन वहां मामलों में लगातार गिरावट आ रही है, केस बढ़ नहीं रहे हैं। वहीं, इन पांच राज्यों समेत आठ राज्यों में नए मामले बढ़ रहे हैं, जिनमें मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली शामिल हैं।

दैनिक जांच का आंकड़ा 10 लाख के पार

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के मुताबिक कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए नमूनों की जांच को तेज कर दिया गया है। गुरुवार को देशभर में 10,57,383 नमूनों की जांच की गई, जो पिछले कुछ दिनों की तुलना में अधिक है। अब तक कुल 23 करोड़ 13 लाख 70 हजार से ज्यादा नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।

लॉकडाउन एक विकल्प : उद्धव

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे की सरकार ने राज्य में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। शुक्रवार को जारी अधिसूचना में स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं को छोड़कर दूसरे कार्यालयों को 31 मार्च तक कर्मचारियों की 50 फीसद क्षमता के साथ काम करने का आदेश दिया गया है। थियेटर और ऑडिटोरियम पर भी यह नियम लागू होगा। हालांकि, उत्पादन इकाइयों को इससे छूट दी गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कहा है कि लॉकडाउन एक विकल्प है, लेकिन उन्हें लोगों पर भरोसा है कि वो स्वयं से ही कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कर इसकी नौबत नहीं आने देंगे।

सूरत में कर्फ्यू की अवधि एक घंटे बढ़ी

गुजरात की औद्योगिक नगरी सूरत में भी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। पिछले एक दिन में तीन सौ से ज्यादा नए मरीजों के मिलने के बाद शहर में रात के कर्फ्यू के समय को बढ़ा दिया गया है। अब शुक्रवार से ही रात 10 के बजाय नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू प्रभावी होगा।